सक्ती,जांजगीर,डभरा,रायगढ़। सक्ती जिले में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में मंगलवार की दोपहर हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायगढ़ जिला से लगे सक्ति जिले के डभरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई स्थित इस प्लांट में हुए विस्फोट ने वहां काम कर रहे मजदूरों को सीधे मौत के मुंह में धकेल दिया। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक हुए जोरदार धमाके से पूरा प्लांट परिसर और आसपास का इलाका दहल उठा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना भयंकर था कि आसपास काम कर रहे मजदूर संभल भी नहीं पाए और देखते ही देखते आग और तेज भाप की चपेट में आ गए। कुछ ही पलों में घटनास्थल चीख-पुकार और अफरा-तफरी से भर गया। सूत्रों के अनुसार, इस हादसे में 30-40 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई। वहीं 18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया, जहां 8 मजदूरों ने दम तोड़ दिया है। बाकी 10 घायलों की हालत गंभीर है। मजदूर 80 प्रतिशत झुलस गए हैं। वहीं कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों और रायगढ़ जिले के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। इधर, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था। उनका कहना है कि यदि पहले से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था।
तकनीकी खामी या सिस्टम की लापरवाही
प्रारंभिक जांच में वेदांता प्लांट के बॉयलर में अत्यधिक दबाव या तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश देते हुए प्लांट प्रबंधन से जवाब तलब किया है।
मजदूरों की जान इतनी सस्ती क्यों
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा आखिर कितनी गंभीरता से ली जाती है। अक्सर बड़े हादसों के बाद जांच और मुआवजे की घोषणाएं होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्थाओं में ठोस सुधार नजर नहीं आता। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली हैं। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट और जिम्मेदारों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
प्लांट प्रवक्ता ने जारी किया बयान
इस हादसे के बाद वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता ने अपना आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि 14 अप्रैल 2026 की दोपहर हमारे सिंघीतराई प्लांट की एक बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। इसमें हमारे उप-ठेकेदार, एनजीएसएल के कर्मी शामिल थे, जो यूनिट का संचालन और रखरखाव करते हैं। हमारी तत्काल प्राथमिकता प्रभावित सभी लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार सुनिश्चित करना है। हम घायलों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और चिकित्सा टीमों तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ निकट समन्वय बनाए हुए हैं। हम विवरण का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और हमारे सहयोगी तथा संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक गहन जांच शुरू कर दी गई है। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और गहरी सहानुभूति प्रभावित परिवारों के साथ हैं।
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश

सक्ती। जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। हादसे में कई मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिनका अस्पतालों में उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद राहत और बचाव टीमों का नेतृत्व करते हुए घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई। जिला प्रशासन द्वारा तत्काल एम्बुलेंस, चिकित्सा दल और अन्य आवश्यक संसाधनों को सक्रिय किया गया। प्राथमिकता के आधार पर सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका समुचित उपचार जारी है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी की जा रही है। इधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के प्रत्येक पहलू की गहन जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। कलेक्टर ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की पूरी टीम सक्रिय हो गई और प्राथमिकता के आधार पर घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। जिला प्रशासन द्वारा समन्वित प्रयासों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राहत एवं उपचार कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे। सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड़ में रखते हुए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सक्ती जिले में हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद है और इसमें जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की गई है।
पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। प्रशासन को प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम साय ने की मृतकों के परिजनों को 5 लाख व घायलों को 50 हजार की सहायता देने की घोषणा
कमिश्नर बिलासपुर को जांच के दिए आदेश

रायपुर। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दु:खद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 – 5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 – 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
हादसे में हुई मौतों पर वित्त मंत्री ओपी ने जताया शोक

सक्ती जिले में सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई भीषण दुर्घटना में श्रमिकों के निधन और घायल होने की घटना पर शोक व्यक्त करते हुए वित्त मंत्री विधायक ओपी चौधरी ने कहा यह घटना अत्यंत पीड़ादाई है। घायल श्रमिकों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ओपी ने कहा परिजनों को इस असहनीय दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करें। रायगढ़ विधायक ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्माओं श्रीचरणों में स्थान देंने की कामना की है।
सियासत तेज, धरने पर बैठे विधायक रामकुमार

वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट के बाद मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। हादसे के बाद मजदूरों की मौत और घायलों की संख्या को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव खुद मैदान में उतर आए हैं। घटना की खबर पाकर वहां पहुंचे चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव पावर प्लांट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और प्लांट प्रबंधन पर हादसे की वास्तविक जानकारी छिपाने का गंभीर आरोप लगाया। धरने पर बैठे विधायक यादव ने कहा कि हादसे के बाद से ही प्रबंधन द्वारा मृतकों और घायलों की सही संख्या सार्वजनिक नहीं की जा रही है। उनका आरोप है कि घटना की गंभीरता को कम दिखाने की कोशिश की जा रही है, जिससे पीडि़त मजदूरों और उनके परिवारों के साथ अन्याय हो रहा है। धरना स्थल से विधायक यादव ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि प्लांट प्रबंधन तुरंत यह स्पष्ट करे कि हादसे में कितने मजदूर घायल हुए हैं कितनों की मौत हुई है। इन सभी का सटीक और आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर प्लांट प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक तकनीकी दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही का परिणाम है।
रायगढ़ फोर्टिस और बालाजी अस्पताल में भर्ती मजदूर
मनाश गिरी, कार्तिक महतो, ब्रजेश कुमार, केशव चंद्रा, भुनेश्वर चंद्रा, अभिषेक चंद्रा, नदीम अंसारी, मिलन वारे, संदीप शिवनाथ मुर्मू व वहीं बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती घायलों के नाम बनवारी लाल बरेठी, उपेंद्र परदेसी लाल चंद्रा शामिल हैं।
फोर्टिस अस्पताल पहुंचे रायगढ़ एसएसपी
सक्ती प्लांट हादसे में घायल श्रमिकों का इलाज रायगढ़ के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा है। जहां पहले 6 की मौत हुई थी वहीं दो और मजदूरों की मौत हो गई है। इस तरह रायगढ़ में 8 मजदूरों ने दम तोड़ दिया है। रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने फोर्टिस अस्पताल पहुंचकर हालात की जानकारी ली और सघन व उचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय लोगों में उबाल, न्याय की मांग

हादसे के बाद से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। धरने के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मजदूर भी मौजूद रहे। लोगों का कहना है कि उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर अक्सर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हादसे होने के बाद ही सच्चाई सामने आती है। धरने के बाद प्रशासन और प्लांट प्रबंधन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या हादसे का सही आंकड़ा सामने आएगा? क्या दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी?



