घरघोड़ा। गांव की मिट्टी में रिश्तों की गर्माहट और परंपराओं की गूंज जब एक साथ सुनाई देती है, तो फैसले सिर्फ औपचारिक नहीं होते—वे समाज की दिशा तय करते हैं। गुरुवार, 9 अप्रैल 2025 को घरघोड़ा विकासखंड के कसैया गांव में कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहां चौहान समाज के भविष्य को मजबूत आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई। युवा प्रकोष्ठ के नेतृत्व में आयोजित बैठक में समाज के लिए एक स्थायी सामुदायिक भवन की आवश्यकता पर गंभीर चर्चा हुई। यह मांग जब समाज के वरिष्ठ सदस्य श्री कप्तान सिंह चौहान के समक्ष रखी गई, तो बात केवल प्रस्ताव तक सीमित नहीं रही, बल्कि भावनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी के संगम में बदल गई। इस दौरान एक संवेदनशील और प्रेरक पहल सामने आई। श्रीमती मथुरा बाई चौहान ने अपने दिवंगत पति स्वर्गीय नारायण सिंह चौहान की स्मृति को समाज सेवा से जोड़ते हुए 10 डिसमिल जमीन सामुदायिक भवन के लिए देने पर सहमति जताई। यह निर्णय केवल जमीन दान का नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए एक स्थायी धरोहर सौंपने का संदेश भी है। बैठक में मौजूद लोगों ने इस प्रस्ताव का एकमत होकर समर्थन किया। माहौल में सहमति के साथ-साथ गर्व की अनुभूति भी साफ झलक रही थी। वक्ताओं ने कहा कि सामुदायिक भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं होगा, बल्कि यह सामाजिक गतिविधियों, संस्कारों और आपसी संवाद का केंद्र बनेगा। इस अवसर पर युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दयाराम चौहान और सचिव दयानंद चौहान ने समाज के विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाले समय में समाज को संगठित और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। बैठक में फूलसाय चौहान, संतोष चौहान, मनीराम चौहान, राकेश चौहान, तुलसी चौहान, लोकनाथ चौहान, कुशलाल चौहान और चंदू चौहान सहित कई सदस्य उपस्थित रहे, जिनकी सहभागिता ने इस निर्णय को और भी मजबूत आधार दिया।
कसैया की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि जब समाज अपने अतीत की स्मृतियों को वर्तमान की जरूरतों से जोड़ता है, तो भविष्य अपने आप मजबूत हो जाता है।
घरघोड़ा के कसैया में चौहान समाज की प्रेरक पहल



