सारंगढ़। जिला को पूर्णत: स्वस्थ, क्षय (टीबी) मुक्त बनाने की दिशा मेंस्वास्थ्य विभाग ने एक वृहत पहल शुरू की है। कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के निर्देश अनुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एफआर निराला के मार्गदर्शन में जिले में 100 दिवस टीबी मुक्त भारत अभियान द्वितीय चरण के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड पंजीयन और एनसीडी (गैर-संचारी रोग) जांच का विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है।
ज्ञात हो जी जिले में विगत वर्ष लक्ष्य के विरुद्ध 700 से अधिक मरीजो की पुष्टि की गई है।इसको ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक निशुल्क बलगम जांच कराने की अपील की गई है। ?इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ग्रामीणों को अब जांच के लिए शहर की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है। आधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से सीधे ग्राम स्तर पर आयोजित
आयुष्मान आरोग्य शिविरों में नि:शुल्क एक्स-रे की सुविधा दी जा रही है। ?एक ही छत के नीचे मिल रही हैं ये सेवाएं मितानिनों द्वारा घर-घर पहचान के बाद संभावित मरीजों का मौके पर ही एक्स-रे और बलगम जांच की जा रही है। शिविरों में उन पात्र हित ग्राहियों का प्राथमिकता से कार्ड बनाया जा रहा है, जिनका अब तक पंजीयन नहीं हो पाया है। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों की टीम तैनात की गई। 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों की बीपी (रक्तचाप) और शुगर (मधुमेह) की अनिवार्य जांच की जा रही है, ताकि कैंसर, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसे खतरों को समय रहते टाला जा सके।चिन्हित टीबी मरीजों को निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण आहार किट प्रदान की जा रही है।
जोखिम समूहों पर विशेष फोकस
अभियान के दौरान 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, कुपोषित बच्चों, मधुमेह रोगियों और खदानों या फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों की सघन स्क्रीनिंग की जा रही है। निक्षय वाहन और जागरूकता रथ के माध्यम से लगातार माइकिंग कर ग्रामीणों को शिविर स्थल तक लाया जा रहा है अधिकारियों की अपील सीएमएचओ डॉ एफआर निराला ने बताया कि – हमारा लक्ष्य जिले के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुँचाना है। उन्होंने कहा आयुष्मान आरोग्य शिविरों में केवल टीबी की जांच ही नहीं, बल्कि आयुष्मान कार्ड निर्माण और हृष्टष्ठ स्क्रीनिंग जैसी अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं एक साथ दी जा रही हैं। नागरिक इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें ?यह महाअभियान आगामी दिनों तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवी संस्थाएं सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।



