रायगढ़। जिले की महत्वपूर्ण सडक़ परियोजना ‘लाखा, गेरवानी, चिराईपानी, पाली, देलारी मार्ग’ के निर्माण में हो रहे विलंब को लेकर जिला पंचायत की सहकारिता एवं उद्योग समिति ने कड़ा रुख अपनाया है। समिति के सभापति श्री गोपाल अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्यूडी) के कार्यपालन अभियंता को प्रथम स्मृति-पत्र जारी कर 2 साल से अटकी इस परियोजना पर बिंदुवार जवाब मांगा है।
दो साल पहले हुई थी घोषणा, अब तक जानकारी भी नदारद
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व इस मार्ग के निर्माण की घोषणा की गई थी। यह मार्ग क्षेत्र की औद्योगिक कनेक्टिविटी और ग्रामीण आबादी के आवागमन के लिए लाइफलाइन माना जा रहा है। सभापति श्री अग्रवाल ने बताया कि इससे पूर्व 09 फरवरी 2026 को भी विभाग से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी पीडब्ल्यूडी कार्यालय द्वारा कोई प्रत्युत्तर नहीं दिया गया।
जनता की सुविधा से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि पीडब्ल्यूडी को कोई प्रशासनिक समस्या आ रही है, तो समिति उस पर पहल करने को तैयार है, लेकिन फाइलें दबाकर बैठना उचित नहीं है।
— गोपाल अग्रवाल, सभापति (सहकारिता एवं उद्योग समिति, जिला पंचायत रायगढ़)
इन 6 बिंदुओं पर मांगा गया है जवाब
समिति ने पीडब्ल्यूडी से निम्नलिखित जानकारी अविलंब उपलब्ध कराने को कहा है, जिसमें पिछले दो वर्षों में सर्वे, डीपीआर और प्रशासनिक स्वीकृति की वर्तमान स्थिति। कार्य में हो रहे विलंब के तकनीकी और प्रशासनिक कारण। अब तक स्वीकृत, आवंटित और खर्च की गई राशि का वित्तीय विवरण। टेंडर प्रक्रिया और वर्क ऑर्डर की स्थिति।5. वाहनों के दबाव को देखते हुए सडक़ के तकनीकी मानक और डिजाइन। कार्य की भौतिक प्रगति और इसे पूर्ण करने की अंतिम समय-सीमा।
लागत बढऩे और जनता की परेशानी पर चिंता
जारी पत्र में सभापति ने स्पष्ट किया है कि निर्माण में देरी के कारण न केवल परियोजना की लागत बढऩे की संभावना है, बल्कि स्थानीय जनता को भी जर्जर रास्तों के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से पूछा है कि आखिर किन प्रशासनिक बाधाओं या तकनीकी कारणों से यह जनहित का कार्य अटका हुआ है।
कलेक्टर और सीईओ को भी भेजी गई प्रतिलिपि
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इस पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर रायगढ़ और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को भी प्रेषित की गई है, ताकि जिले के इस महत्वपूर्ण मार्ग निर्माण में आ रही बाधाओं का त्वरित निराकरण हो सके।



