रायगढ़। परीक्षा देकर बाइक से घर लौट रहे 12वीं की छात्र को अज्ञात ट्रेलर चालक ने ठोकर मारकर भाग गया। जिसे गंभीर हालत में उपचार के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल लेकर पहुंचे तो डाक्टरों ने प्राथमिक जांच में ही मृत घोषित कर दिया। वहीं शाम को परिजन शव लेकर पहुंचे तो ग्रामीणों के साथ शव को सडक़ पर रखकर चक्काजाम शुरू कर दिया, जो देर रात तक चलता रहा। इधर घटना की सूचना पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम लाखा निवासी नेम सिंह ठाकुर पिता टीकाराम ठाकुर (18 वर्ष) गेरवानी हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं में पढ़ता था, इससे उसका परीक्षा सेंटर तराईमाल स्कूल में था, जिसके चलते वह हर दिन परीक्षा देने के लिए बाइक से आना-जाना करता था। ऐसे में शुक्रवार को सुबह करीब 8.30 बजे परीक्षा देने के लिए घर से निकला था। जहां परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 12 बजे बाइक से घर लौट रहा था। इस दौरान तराईमाल और लाखा के बीच मुख्य मार्ग पर इरशाद ढाबा के पास पहुंचा तो किसी अज्ञात ट्रेलर के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उसे जोरदार ठोकर मार दिया, इससे उसके सिर व शरीर के अन्य भाग में गंभीर चोट लगने के कारण अचेत हो गया। वहीं उक्त घटना को देख दुर्घटनाकारित वाहन चालक मौके से फरार हो गया। ऐसे में राहगीरों ने देखा तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दिया, जिसे एंबुलेंस से उसे उपचार के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल भेजते हुए घटना की सूचना उसके परिजनों को दी। ऐसे में दोपहर करीब दो बजे घायल नेम सिंह ठाकुर अस्पताल पहुंचा तो डाक्टरों ने प्राथमिक जांच में ही उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से भेजी गई तहरीर पर चक्रधरनगर पुलिस ने मर्ग कायम कर पीएम उपरांत शव परिजनेां को सौंप दिया है।
ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार शाम को परिजन पीएम कराकर शव को लेकर पहुंचे तो ग्रामीणों के साथ शव को गेरवानी स्थित घटना स्थल पर शव को सडक़ में रखकर चक्काजाम शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों का मांग है कि परीक्षा के समय में भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाए, दुर्घटनाकारित वाहन चालक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे जल्द गिरफ्तार किया जाए, इसके साथ ही मृतक के परिजनेां को उचित मुआवजा दिया। इस बात को लेकर ग्रामीणों ने देर रात तक मौके पर जमे रहे, इससे सडक़ के दोनों पर तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।
गांव में मातम का माहौल
उल्लेखनीय है कि ग्राम लाखा के ज्यादातर बच्चे गेरवानी में पढ़ते हैं, इससे सभी का सेंटर तराईमाल स्कूल में ही है, ऐसे में नेम सिंह ठाकुर की सडक़ हादसे में मौत होने के बाद अन्य पालकों में भी भय की स्थिति बन गई है। साथ ही एक होनहार छात्र के मौत होने के बाद गांव में मातम का माहौल बन गया है।



