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कलेक्टर ने जिले के वनांचल क्षेत्र तमनार-घरघोड़ा के सुदूर ग्रामों का सघन दौरा, उपस्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी व स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण
उपस्वास्थ्य केंद्रों में 14 प्रकार के रक्त परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश, जेनरिक दवाओं की उपलब्धता व स्वच्छता पर ध्यान देने के निर्देश
नए भवन, अतिरिक्त कक्ष व मरम्मत कार्य के लिए डीएमएफ मद से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश, झारगांव में नए आंगनबाड़ी भवन की पहल
रायगढ़। राज्य शासन के मंशानुरूप रायगढ़ जिले के खनिज उत्खनन प्रभावित, आदिवासी बाहुल्य एवं सुदूर वनांचल क्षेत्र तमनार, घरघोड़ा, छाल, धरमजयगढ़, कापू और लैलूंगा विकासखंड एवं संबंधित तहसील क्षेत्रों में संचालित शासकीय सेवा प्रदाता संस्थानों का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा आदिजाति विकास विभाग के संस्थानों को और बेहतर, सुव्यवस्थित एवं सुसज्जित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल प्रारंभ कर दी है।
कलेक्टर ने कहा कि खनिज उत्खनन प्रभावित एवं सुदूर वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन क्षेत्रों में संचालित सभी शासकीय संस्थानों को मानक अनुरूप विकसित कर आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने गुरुवार को तमनार एवं घरघोड़ा विकासखंड के विभिन्न सुदूर वनांचल ग्रामों का सघन दौरा कर जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने ग्राम महलोई में संचालित उपस्वास्थ्य केंद्र, महलोई के झारगांव स्थित सामुदायिक भवन में अस्थायी रूप से संचालित आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला महलोई तथा बासनपाली के आंगनबाड़ी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे एवं एसडीएम श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने वनांचल क्षेत्र के महलोई उपस्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की संख्या, उपलब्ध जेनरिक दवाओं की स्थिति तथा वर्तमान में संचालित रक्त परीक्षण सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि जेनरिक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा केंद्र के रखरखाव और स्वच्छता में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने टीकाकरण अभियान और फ्लेरिया हाथीपांव के संक्रमण के बचाव के लिए चल रहे राष्ट्रीय अभियानों की प्रगति की जानकारी भी एवं स्वास्थ्य अमले को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने राज्य शासन के दिशा-निर्देशों एवं उपस्वास्थ्य केंद्रों के निर्धारित मानकों के अनुरूप 14 प्रकार के रक्त परीक्षण की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परीक्षण सामग्री, मशीनरी एवं उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए आवश्यक संसाधनों की शीघ्र पूर्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। कलेक्टर ने पूर्व में विभागीय अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण की जानकारी ली तथा निरीक्षण पंजी का अवलोकन कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घरघोड़ा एसडीएम को सप्ताह में कम से कम दो दिन वनांचल क्षेत्रों में संचालित शासकीय संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जनपद सीईओ को भी प्रभावी अनुश्रवण एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया।
डीएमएफ मद से अधोसंरचना विकास की तैयारी
वनांचल क्षेत्र के दौरे के दौरान कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया कि घरघोड़ा, धरमजयगढ़, लैलूंगा विकासखंड तथा तमनार, छाल और कापू तहसील क्षेत्र के अंतर्गत संचालित सभी सेवा प्रदाता शासकीय विभागों उपस्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आदिजाति विकास विभाग के आश्रम एवं छात्रावास, महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी केंद्र तथा शिक्षा विभाग के स्कूलों में जहां नए भवन, अतिरिक्त कक्ष अथवा मरम्मत की आवश्यकता है, उसकी विस्तृत जानकारी शीघ्र प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा है कि आवश्यक प्रस्ताव डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) मद से स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे, ताकि खनिज उत्खनन प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि स्वीकृत कार्यों को बरसात से पहले पूर्ण कराने कराना प्रशासन की प्राथमिकता में रहेगी। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में कलेक्टर द्वारा समय-सीमा की बैठक में जिले के सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, जनपद सीईओ एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को पूर्व में ही निर्देशित किया जा चुका है।
झारगांव में नए आंगनबाड़ी भवन की पहल, बासनपाली में किचन गार्डन विकसित होगा
कलेक्टर ने झारगांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के लिए नए भवन निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। बासनपाली आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने परिसर में उपलब्ध खाली भूमि पर किचन गार्डन विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बरसात से पहले जिले के स्कूल, आंगनबाड़ी, आश्रम, छात्रावासों के खाली भूखंड में इस प्रकार के पौधा रोपण के लिए कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पौष्टिक आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केला, मुनगा, कटहल एवं अमरूद जैसे फलदार पौधे लगाने पर विशेष जोर दिया, ताकि बच्चों और माताओं को स्थानीय स्तर पर ताजा एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।



