पखांजूर। कापसी क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी माफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा प्रहार किया है। ग्राम पिपली में की गई इस कार्रवाई से अवैध लकड़ी तस्करों में हडक़ंप मच गया है। लगातार हो रही वन विभाग की छापेमारी से माफियाओं के नेटवर्क पर दबाव बढ़ता जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम पिपली में अवैध रूप से सागौन लकड़ी का भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर विभागीय अमले ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर दबिश दी, जहां से 254 नग सागौन लकड़ी, कुल 7.549 घन मीटर, बरामद की गई। जब्त की गई लकड़ी की अनुमानित बाजार कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि जब्त सागौन लकड़ी को जंगल से अवैध कटाई कर अन्य स्थानों पर खपाने की तैयारी की जा रही थी। आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम तथा छत्तीसगढ़ वन उपज (व्यापार एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध लकड़ी तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए लगातार निगरानी और छापेमारी की जा रही है। हाल के दिनों में हुई लगातार कार्रवाइयों से लकड़ी माफियाओं में डर का माहौल है और कई अवैध गतिविधियों पर ब्रेक लगा है। वन विभाग ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि जंगलों की सुरक्षा और वन संपदा के संरक्षण से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। कापसी क्षेत्र में यह सर्जिकल स्ट्राइक आगे भी लगातार जारी रहेगी, और अवैध कटाई, भंडारण या परिवहन में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस निर्णायक कार्रवाई को क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
कापसी में वन विभाग का बड़ा प्रहार ग्राम पिपली से लाखों की अवैध सागौन लकड़ी जब्त, 2 गिरफ्तार
कापसी में वन विभाग का बड़ा प्रहार ग्राम पिपली से लाखों की अवैध सागौन लकड़ी जब्त, 2 गिरफ्तार



