रायगढ़। कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा को हिंदू विरोधी बताए जाने के आरोप पर खरसिया के छाया विधायक महेश साहू के कहा कांग्रेस को हिंदुओं की पैरवी करने के पहले यह बताना चाहिए कि राम मंदिर के शिलान्यास का न्यौता क्यों ठुकराया था? भाजपा के संकल्प के राम मंदिर निर्माण शामिल था जिसे मोदी सरकार ने सत्ता में रहते पूरा कर करोड़ो सनातनी हिंदुओं की आस्था का सम्मान किया। कांग्रेस को हिंदुओं की पैरवी नहीं करने की सलाह देते हुए कहा कांग्रेस बार बार हिंदुओं की आस्था पर चोट पहुंचाती रही है यही वजह है कि कांग्रेस अपना विश्वास हिंदुओं के मध्य खोती जा रही है। राम मंदिर निर्माण का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था और कांग्रेस विरोध करने के लिए राम मंदिर निर्माण में विधिक अड़चन लगाने पहुंच गई। कांग्रेस से जुड़े वकील कपिल सिब्बल ने सर्वोच्च न्यायालय में राम जन्मभूमि मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से केस लड़ा था और इसके निर्माण में अड़चन लगाने का पूरा प्रयास किया। महेश साहू ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले हिंदुओं के खैर ख्वाह कैसे हो सकते है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकरा कर कांग्रेस ने हिंदुओं की आस्था पर चोट पहुंचाई। तुष्टीकरण की नीतियों की वजह से कांग्रेस किसी ना किसी रूप में हिंदुओं के आराध्य राम मंदिर के निर्माण का विरोध करती रही। चुनाव के दौरान भाजपा ने अपना संकल्प दोहराया कि मंदिर वही बनायेंगे तब कांग्रेस ने इस नारे का उपहास उड़ाते हुए कहा मन्दिर वही बनायेंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे। मोदी सरकार का कार्यकाल मंदिर निर्माण की तारीख का गवाह भी बना लेकिन कांग्रेस ने निमंत्रण ठुकरा कर हिंदुओं को बता दिया कि उसके दिल में भगवान राम के लिए कोई स्थान नहीं है। भाजपा बिना तथ्यों के आधार पर कांग्रेस को हिंदू विरोधी नहीं ठहराती है।



