पखांजूर। परलकोट अंचल का कापसी नगर 22 जनवरी, गुरुवार को सनातन संस्कृति और आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया, जब राम नाम के जयघोष के साथ पूरा शहर भक्तिरस में डूब गया। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और रामराज्य के प्रतीक स्वरूप रामलला के भव्य मंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर क्षेत्रीय विधायक विक्रम सिंह उसेंडी ने विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन संपन्न कराया। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी परलकोट क्षेत्र के हजारों सनातनी श्रद्धालु, साधु-संत और कापसी नगरवासी बने। कापसी नगर में सुबह से ही भक्तों का जमावड़ा शुरू हो गया था। नगर के प्रमुख मार्गों पर भगवा ध्वज लहराते नजर आए, वहीं चारों ओर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में कलश लेकर पहुंचीं, जबकि युवाओं और बुजुर्गों में भी विशेष उत्साह देखा गया। भूमि पूजन कार्यक्रम को विशेष बनाने में आरएसएस खंड सहसंयोजक श्री चितरंजन मंडल एवं उनके सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर दर्शन के दौरान वे वहां से पवित्र मिट्टी, मंदिर निर्माण में प्रयुक्त अक्षय ईंट तथा सरयू नदी का अमृत जल अपने साथ परलकोट लेकर आए थे। इन्हीं पावन वस्तुओं को साक्षी मानकर कापसी में रामजन्मभूमि मंदिर की तर्ज पर इस मंदिर की नींव रखी गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत, धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, शंखनाद और रामधुन से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं होगा, बल्कि सनातन संस्कृति, मर्यादा, धर्म और रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक बनेगा। आने वाले समय में यह मंदिर क्षेत्र में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का केंद्र बनेगा। भूमि पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने इसे सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक क्षण बताया।



