रायगढ़। जिले में हेडमास्टर से 20 लाख 76 हजार रुपए की ठगी की गई है। परिचित व्यक्ति ने हेडमास्टर के नाम पर अलग-अलग बैंकों से लोन निकलवाकर धोखाधड़ी की। लोन की किस्तें नहीं चुकाए जाने से परेशान पीडि़त ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पीडि़त का नाम लोकनाथ रात्रे (41) नाम है। जो ग्राम बाम्हनपाली का रहने वाले हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि ह घरघोड़ा ब्लॉक के ग्राम पानीखेत स्थित प्राथमिक शाला कन्या आश्रम में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ है। मई 2024 में परिचित सपिया निवासी विद्याचरण गोरे ने उसे अपने मामा गिरीश कुमार जोल्हे से मिलवाया। गिरीश जोल्हे ने लोन संबंधी काम कराने की बात कहते हुए आश्वासन दिया कि वह लोकनाथ के नाम पर लोन निकलवाएगा और सभी किस्तें खुद भरेगा।
35 प्रतिशत हिस्सा देने का दिया था लालच
इसके बदले उसने लोन राशि का 35 प्रतिशत हिस्सा देने का लालच दिया। भरोसा कर लोकनाथ ने अपना पैन कार्ड, छह माह की ऑनलाइन पे-स्लिप सहित जरूरी दस्तावेज गिरीश को दे दिए। इसके बाद अलग-अलग बैंकों के लोन फॉर्म पर उससे हस्ताक्षर कराए गए। लोकनाथ के अनुसार, उनके नाम पर चोला मंडलम शाखा रायगढ़ से 6 लाख 40 हजार, आईसीआईसीआई बैंक रायगढ़ से 4 लाख, एक्सिस बैंक रायगढ़ से 6 लाख 65 हजार और भारतीय स्टेट बैंक कोड़ातराई शाखा से 10 लाख 20 हजार रुपए, इस तरह कुल 27 लाख 25 हजार रुपए का लोन स्वीकृत कराया गया। प्रोसेसिंग चार्ज, बीमा और अन्य कटौतियों के बाद 20 लाख 76 हजार रुपए लोकनाथ के खाते में आए। इसके बाद गिरीश जोल्हे ने यह पूरी राशि किश्तों में अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। शुरुआत में दो-तीन महीने तक उसने लोन की किस्तें जमा कीं, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। किस्तें जमा नहीं होने पर बैंकों की ओर से दबाव बढऩे लगा। लोकनाथ ने गिरीश से संपर्क किया तो उसने हर बार भुगतान करने का आश्वासन दिया, लेकिन कोई किस्त जमा नहीं की। परेशान होकर लोकनाथ ने मंगलवार को खरसिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी गिरीश कुमार जोल्हे के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
लोन का झांसा देकर हेडमास्टर से 20 लाख की ठगी
लोन का झांसा देकर हेडमास्टर से 20 लाख की ठगी



