बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया को ईडी के बाद अब ईओडब्लू की गिरफ्तारी का डर सता रहा है। इसके चलते उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद शासन ने जवाब पेश करने के लिए समय मांगा है। लिहाजा, अब गुरुवार को मामले की सुनवाई होगी।
दरअसल, शराब घोटाले के केस में ईडी ने सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही ईओडब्लू ने उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए ईडी की स्पेशल बेंच में आवेदन प्रस्तुत किया है। इसके चलते अब सौम्या चौरसिया को इस केस में ईओडब्लू की गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। यही वजह है कि उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई है।
झूठे केस में फंसा रही है सरकार
सौम्या के वकील ने हर्षवर्धन परगनिहा ने कहा कि, ईडी की टीम ने राजनीतिक षडयंत्र के तहत इस केस की जांच की है। जिसके बाद सुनियोजित साजिश के तहत फंसाने के लिए मामले को ईओडब्लू को सौंपा है। ढाई साल पुराने इस केस में सौम्या चौरसिया का कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद भी उन्हें गिरफ्तार कर परेशान करना चाहती है। बता दें कि शराब घोटाले से संबंधित मामलों की 13 जनवरी से ट्रायल भी शुरू होना है। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ईडी जांच कर रही है। शराब घोटाला मामले में ईडी ने ईओडब्लू में एफआईआर भी दर्ज कराई है। जिसमें 3,200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ईडी ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आईएएस अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। कोयला घोटाले में लंबे समय से जेल में रही सौम्या चौरसिया को ईडी ने शराब घोटाले में गिरफ्तार किया है। कोर्ट के आदेश पर सौम्या चौरसिया 14 दिन की रिमांड पर है। इससे पहले कोर्ट ने पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड दी थी। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद ईडी ने सौम्या को कोर्ट में पेश किया था।
सौम्या को ईडी के बाद अब ईओडब्लू की गिरफ्तारी का डर
हाईकोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत याचिका, शासन ने जवाब पेश करने मांगा समय



