रायपुर। राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर आज पुलिस प्रशासन ने वर्ष 2025 का विस्तृत लेखा-जोखा सार्वजनिक किया। रायपुर पुलिस द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले में दर्ज अपराधों के आंकड़े विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किए। प्रेस वार्ता में पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बीते वर्ष पुलिस ने अपराध नियंत्रण, नशे के खिलाफ अभियान, साइबर अपराध और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक स्तर पर सख़्त और प्रभावी कार्रवाई की है। 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच रायपुर जिले में कुल 15,885 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 17,703 थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि कुल अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में हत्या के 90 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 85 मामलों का सफल खुलासा करते हुए पुलिस ने 167 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं हत्या के प्रयास के 97 मामलों में 213 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इन आकड़ों के हिसाब से राजधानी में हर 4 दिन में औसतन 1 हत्या हुई है, जबकि, लगभग इतने ही हत्या के प्रयास के मामले है। जो की चिंता का विषय है।
एसएसपी सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में डकैती के 7 मामलों में से 6 मामलों का खुलासा कर 43 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लूट के 71 मामलों में 137 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, चोरी के 1,442 मामले दर्ज हुए, जो वर्ष 2024 के 1,497 मामलों से कम हैं। साल 2025 में राजधानी में हर 4 दिन में औसतन 1 चोरी की वारदात हुई है। वहीं इस दौरान नकबजनी के 473 मामले सामने आए, जबकि 2024 में यह संख्या 526 थी। इन आंकड़ों से चोरी और नकबजनी जैसे अपराधों में कमी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
एसएसपी डॉ. सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 271 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 445 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन मामलों में करीब 2 करोड़ 78 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ, वाहन और अन्य सामग्री जब्त की गई। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में कई अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े लोग भी शामिल हैं, जिन पर कार्रवाई कर नेटवर्क को ध्वस्त किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त 8,680 ऑनलाइन ठगी की शिकायतों पर कार्रवाई की गई। इन मामलों में 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई गई, जबकि 90 लाख रुपये से ज्यादा की रकम पीडि़तों को वापस दिलाई गई। सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन और अवैध गतिविधियों से जुड़े 95 से अधिक पोस्ट हटवाए गए, साथ ही फर्जी आईडी को ब्लॉक किया गया।
सडक़ सुरक्षा के मोर्चे पर आंकड़े मिश्रित तस्वीर पेश करते हैं। वर्ष 2025 में सडक़ दुर्घटनाओं की कुल संख्या में भले ही मामूली कमी दर्ज की गई हो, लेकिन इनमें होने वाली मौतों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। वर्ष 2024 में जहां 2,079 सडक़ दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं 2025 में यह आंकड़ा घटकर 2,063 रह गया। इसके बावजूद दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2024 में 594 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2025 में यह संख्या बढक़र 618 हो गई। इस तरह सडक़ दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में करीब 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि सडक़ सुरक्षा को लेकर वर्ष 2025 में विशेष अभियान चलाए गए। यातायात नियमों के उल्लंघन पर 1,44,050 चालानी कार्रवाई की गई, जिससे 14 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। जबकि, साल 2024 में 10 करोड़ 75 लाख वसूला गया था। साल 2025 में ड्रिंक-एंड-ड्राइव के 1537 मामले दर्ज किए गए। यातायात जागरूकता के लिए 653 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे लाखों नागरिकों को नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
आर्म्स एक्ट के तहत 561 मामलों में 566 आरोपियों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान आरोपियों से भारी मात्रा में चाकू, तलवार, रिवॉल्वर, देशी कट्टे, पिस्टल और कारतूस जब्त किये गए। सट्टा के 73 मामलों में 88 आरोपियों से 9.10 लाख रुपये जब्त किए गए। वहीं आबकारी एक्ट के तहत 4,577 मामलों में 4,650 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि रायपुर पुलिस का उद्देश्य अपराधियों पर सख़्ती, आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है। आने वाले समय में भी नशे, साइबर अपराध और सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अभियान और तेज़ किए जाएंगे।
एसएसपी लाल उमेद सिंह ने पेश किया 2025 का रिपोर्ट कार्ड
हर 4 दिन में औसतन 1 हत्या, सालभर में 1442 चोरी की वारदात, यातायात नियमों के उल्लंघन पर 14 करोड़ से अधिक का जुर्माना, सडक़ दुर्घटनाओं के दौरान मृत्यु दर में 4 प्रतिशत की वृद्धि



