नारायणपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई) एवं मुख्यमंत्री ग्राम सडक़ योजना (सीएमजीएसवाई) के अंतर्गत संचालित कार्यों की गुणवत्ता को लेकर शासन स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समीक्षक हरिओम शर्मा ने जिला जशपुर के विकासखंड कुनकुरी में निर्माणाधीन एवं संधारणाधीन सडक़ों का गहन निरीक्षण करते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट एवं कड़े निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप, उच्च गुणवत्ता के साथ और समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि सडक़ निर्माण एवं संधारण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, गुणवत्ता में समझौता या कार्य में अनावश्यक देरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सतत निगरानी रखने और ठेकेदारों को जवाबदेह बनाते हुए कार्य कराने के निर्देश दिए।
वनांचल क्षेत्रों को मुख्य मार्ग से जोडऩे वाली सडक़ का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन मुख्य मार्ग कुंजारा–बारोटोंगरी से डोगाअम्बा पहुँच मार्ग (लंबाई 3.12 किलोमीटर), विकासखंड कुनकुरी का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। यह सडक़ वनांचल क्षेत्र के ग्रामों को सीधे राज्य मार्ग से जोड़ती है। मुख्य अभियंता ने कहा कि इस मार्ग के पूर्ण होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि उपज के परिवहन एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं तक सहज पहुँच सुनिश्चित होगी। यह सडक़ क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। निरीक्षण के दौरान सडक़ की परत, चौड़ाई, किनारों की मजबूती, जल निकासी व्यवस्था एवं निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की गई और आवश्यक सुधार तत्काल करने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा ने कहा कि ग्रामीण सडक़ों की गुणवत्ता सीधे ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी हुई है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी समझें और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि गुणवत्ता परीक्षण, प्रगति रिपोर्ट और फील्ड निरीक्षण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। निरीक्षण के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि ग्रामीण सडक़ों के निर्माण एवं संधारण में गुणवत्ता सर्वोपरि है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
संधारण कार्यों की समयबद्धता पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत चल रहे संधारण कार्यों का भी विस्तार से निरीक्षण किया गया। इनमें टी-02 बनकोम्बो से कुनकुरी मार्ग लंबाई 10.53 कि.मी.,टी.आर.-03 से बेलघुटरी मार्ग लंबाई 2.80 कि.मी.,टी.आर.-03 रायकेरा से बोड़ोकछार मार्ग लंबाई 2.30 कि.मी.विकासखंड कुनकुरी शामिल हैं। मुख्य अभियंता ने निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी संधारण कार्यों को नियमित रूप से और तय समयावधि में पूर्ण किया जाए, ताकि सडक़ों की स्थिति बनी रहे और आम नागरिकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि संधारण कार्यों की उपेक्षा सडक़ों की आयु घटाती है, जिसका सीधा असर ग्रामीणों की सुविधा और सुरक्षा पर पड़ता है।
अधिकारी एवं ठेकेदार रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता अंबिकापुर सोहन चन्द्र, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना कार्यालय के कार्यपालन अभियंता सानुज कुमार घृतलहरे सहित समस्त सहायक अभियंता, उपअभियंता एवं संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई तथा सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया।



