पखांजूर। ग्राम पीवी 62 से एक प्रेरणादायक और आस्था से जुड़ी खबर सामने आई है। अस्सी वर्षीय बुजुर्ग मनमथ सिकदार अपनी निस्वार्थ सेवा से हजारों लोगों की उम्मीद का केंद्र बन गए हैं। आज के महंगे स्वास्थ्य सेवाओं के दौर में, कोयलीबेड़ा ब्लाक के ग्राम पंचायत स्वरूप नगर के आश्रित गांव पीवी 62 में मानवता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है। मनमथ सिकदार पछले तीन महीनों से जड़ी-बूटियों के माध्यम से लोगों का निश्शुल्क इलाज कर रहे हैं। उनकी सेवा की चर्चा इतनी फैल चुकी है कि अब केवल स्थानीय ग्रामीणों को ही नही परलकोट क्षेत्र के साथ देते हैं, महाराष्ट्र, ओडिशा, बस्तर रायपुर,जैसे दूर-दराज से परलकोट के पी व्ही 62 में पहुँच कर अस्सी वर्षीय बुजुर्ग मनमथ सिकदर के हाथों से जड़ी बूटी बांधकर अपने अपने रोग जैसे शुगर, किडनी, लिवर, अस्थमा, शरीर मे विभिन्न प्रकार की दर्द से मुक्ति पा रहे है, इसके लिए किसी से एक रुपया भी नही लिया जाता है।
स्वमं मनमथ सिकदर से प्राप्त जनकारी आनुसार मनम देवी एक रात को सपने में आकर लोगो की सेवा के लिए आशीर्वाद स्वरूप प्रदान किया है,मनमथ कहते है माँ मनसा द्वारा दिये गए औषधि मैं प्रति शनिवार और सोमवार को सुबह पाँच बजे से 2 बजे तक माँ द्वारा दिया गया दिव्या ओषधी रोगों से मुक्ति के लिए देता हूँ। इसके लिए हमारे परिवार के सभी सदस्य मिलकर लोगो सेवा में लगे रहते है।
ग्रामीणों के अनुसार यहाँ दिव्या औषधि दो तीन महीने से दिया जा रहा है शुरुआती हफ्ते में लगभग पच्चास से सौ लोग हुए थे,अब जैसे ही समय बीतते जा रहे है वैसी ही पी.व्ही.62 मनमथ सिकदर घर में लोगो की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है,जैसे बीते शनिवार को 700 सौ से 800 लोगो की भीड़ हुई,और आगे दिनों में इससे अधिक लोग आने की उम्मीद है।इससे साफ तौर से कह सकते है कि जो भी लोग माँ मनासा के दरबार पहुँच रहे है,वही रोगों से मुक्ति पा रहे है।
माँ माँनसा के दरबार से शुगर, किडनी, लिवर, अस्थमा, शरीर मे विभिन्न प्रकार की दर्द मुक्ति पा रहे लोग
माँ माँनसा के दरबार से शुगर, किडनी, लिवर, अस्थमा, शरीर मे विभिन्न प्रकार की दर्द मुक्ति पा रहे लोग



