पखांजूर। जागृति मंच पखांजूर द्वारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 129वीं जयंती हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर नेताजी चौक से नगर भ्रमण करते हुए भव्य प्रभातफेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक, छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं बुद्धिजीवी शामिल हुए।
प्रभातफेरी के दौरान ‘नेताजी सुभाषचंद्र बोस अमर रहें’, ‘23 जनवरी नेताजी जयंती गर्व व सम्मान के साथ मनाओ’, ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, नेताजी का नाम रहेगा’ जैसे गगनभेदी नारों से पूरा नगर गूंज उठा। प्रभातफेरी नेताजी चौक पर समाप्त हुई, सभा में जागृति मंच के उपाध्यक्ष ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात जागृति मंच के अध्यक्ष,कोषाध्यक्ष, उपदेशक मंडली सदस्य तथा अन्य पदाधिकारियों, नागरिकों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने नेताजी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभा को संबोधित करते हुए जागृति मंच के अध्यक्ष ने राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से मांग की कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती को देशभर में शासकीय अवकाश घोषित कर सभी शासकीय, निजी एवं सामाजिक संस्थाओं में गर्व व सम्मान के साथ मनाया जाए। साथ ही नेताजी को भारत रत्न से सम्मानित करने की भी मांग रखी गई। वक्ताओं ने कहा कि मेहनतकश मजदूरों, किसानों और क्रांतिकारियों की कुर्बानी से देश आजाद हुआ, लेकिन आज का युवा वर्ग नेताजी जैसे महान क्रांतिकारी के योगदान को भूलता जा रहा है। उन्होंने स्कूलों के पाठ्यक्रम में नेताजी के जीवन संघर्ष को शामिल करने और घर-घर उनके विचारों व देशभक्ति भावना के प्रसार पर जोर दिया।
सचिन निबास अधिकारी ने कहा कि नेताजी ने आईसीएस की परीक्षा में चतुर्थ स्थान प्राप्त करने के बावजूद देश की आजादी के लिए प्रतिष्ठित नौकरी त्याग दी। उन्होंने ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का नारा देकर युवाओं में आजादी की अलख जगाई और 1943 में अंडमान-निकोबार में तिरंगा फहराकर स्वतंत्र भारत की घोषणा की। कार्यक्रम में वासुदेव, रवींद्रनाथ, रथींद्रनाथ, ऋषिकेश, निबास सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। वहीं कल्पना चंद एवं ज्योत्सना अधिकारी द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने वातावरण को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का समापन नेताजी के सपनों को साकार करने का संकल्प लेते हुए किया गया।
हर्षोल्लास के साथ मनाई गई नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 129वीं जयंती



