रायगढ़। अप दिशा से चलने वाली ट्रेनों की चाल सुधरने का नाम नहंीं ले रहा है, ऐसे में देखा जाए तो अप दिशा से चलने वाली लगभग सभी ट्रेने देरी से चल रही है, इससे गुरुवार को जहां आजाद हिंद एक्सप्रेस 8 घंटा तो अहमदाबाद एक्सप्रेस साढ़े छह घंटा देरी से पहुंची। ऐसे में देखा जाए तो ट्रेनों के लेट-लतीफी परिचालन से प्रतिदिन ढाई से तीन हजार यात्री परेशान हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जब से ठंड बढ़ा है तब से यात्री ट्रेनों की चाल इस कदर बिगड़ गई है कि लोग अब ट्रेन से यात्रा करने से भी बचने का प्रयास करने लगे हैं, लेकिन लोगों के पास इससे बेहतर कोई और विकल्प नहीं होने के कारण घंटों स्टेशन में बैठकर ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इन दिनों हावड़ा रुट से चलने वाली लगभग सभी ट्रेनों विगत लंबे समय से हर दिन घंटों विलंब से चल रही है, इसके चलते सफर करने वाले यात्रियों को इस भीषण ठंड में परेशान होना पड़ रहा है, क्योंकि ज्यादातर ट्रेने रात दो बजे से आने का समय है, जिसके चलते शाम रात तक लोग स्टेशन पहुंच जा रहे हैं, लेकिन यहां पहुंचने के बाद पता चलता है कि कोई आठ घंटा तो कोई छह घंटा देरी से चल रही है, इसके चलते रात का तो खराब हो रही है, साथ ही दिन का भी पूरा समय खराब हो जा रहा है, वहीं जो यात्री हावड़ा से मुंबई तक का सफर कर रहे हैं, वे ट्रेन में बैठे-बैठे से परेशान हो रहे हैं। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि ज्यादातर ट्रेनों को रैक नहीं मिलने के कारण री-सेड्यूल करके चलाई जा रही है, इकसे चलते अपने गंतब्य तक पहुंचने में घंटों विलंब हो रही है। ऐसे में गुरुवार को अप दिशा से आने वाली शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस का रायगढ़ पहुंचने का समय रात दो बजे है, लेकिन यह ट्रेन गुरुवार को सवा पांच घंटा देरी से सुबह 7.15 बजे पहुंची। वहीं गया-एलटीटी एक्सप्रेस का समय सुबह 5.45 बजे है, जो ढाई घंटा देरी से सुबह करीब 8 बजे पहुंची। इसी तरह हावड़ा मेल का समय सुबह 4.30 बजे है, लेकिन यह ट्रेन साढ़े छह घंटा देरी से सुबह 11 बजे पहुंची है। हावड़ा-पुणे आजाद हिंद का पहुंचने का समय सुबह 6.46 बजे है, लेकिन यह ट्रेन साढ़े आठ घंटा देरी से गुरुवार को दोपहर 3.33 बजे पहुंची है। इसी तरह हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस का पहुंचने का समय सुबह 8.35 बजे है, लेकिन यह ट्रेन साढ़े छह घंटा देरी से दोपहर 3.11 बजे पहुंची है। वहीं भुवनेश्वर -कुर्ला एक्सप्रेस का समय दोपहर 2.53 बजे है जो पहंची 3.24 बजे पहुंची है। वहीं पुरी-ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस का पहुंचने का समय सुबह 11.42 बजे है, लेकिन साढ़े पांच घंटा देरी से शाम 5.19 बजे रायगढ़ पहुंची है। इसी तरह आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस का दोपहर 2.15 बजे है, लेकिन साढ़े तीन घंटा देरी से शाम करीब 6 बजे रायगढ़ पहुंची है।
यात्रियों की संख्या में आ रही कमी
विभागीय सूत्रों की मानें तो लंबे समय से ट्रेनों के परिचालन प्रभावित होने व लेट-लतीफी चलने के कारण यात्रियों की संख्या में काफी कमी है, क्योंकि लाइन निर्माण का काम 2020 से चल रहा है, इसके पहले यहां से प्रतिदिन करीब चार हजार से अधिक यात्री सफर करते थे, लेकिन अब इसकी संख्या काफी गिरावट आई है, जिससे कभी ढाई हजार तो कभी तीन हजार के आसपास ही यात्री पहुंच रहे हैं, ऐसे में कहा जा रहा है कि अगर ट्रेनों की चाल सुधर जाती तो फिर से यात्रियों की संख्या में इजाफा हो जाता।
कोहरे से डगमगा रही एक्सप्रेस ट्रेनों की चाल
आजाद हिंद 8 घंटा तो अहमदाबाद एक्सप्रेस छह घंटा देरी से पहुंची रायगढ़, रि-सेड्यूल भी बन रहा लेट-लतीफी का कारण



