धरमजयगढ़। उरगा से पत्थलगांव भारतमाला सडक़ निर्माण कार्य फिलहाल प्रगति पर है। धर्मजयगढ़ क्षेत्र में इस रोड प्रोजेक्ट का कुछ भाग कर्नाटक पावर कोल ब्लॉक एरिया के प्रभावित क्षेत्र में प्रस्तावित होने के चलते करीब सात किलोमीटर सडक़ निर्माण का क्रियान्वयन बाधित हुआ है। नए एलाइनमेंट के प्रस्ताव पर मंजूरी की प्रक्रिया फिलहाल लंबित है। पूर्व के प्रस्ताव में प्रभावित निजी भूमि के मुआवजा भुगतान में भी गंभीर अनियमितता की खबरें आती रही हैं। अब इस रोड प्रोजेक्ट से जुड़े काम को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है जिसमें अमृत सरोवर योजना से बने तालाब को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सिसरिंगा में बनाए गए अमृत सरोवर तालाब को डीबीएल कंपनी द्वारा अवैध उत्खनन किए जाने की शिकायत की गई है। हालांकि उस पर अब तक कोई कार्रवाई की बात सामने नहीं आई है।
इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार जनता के हित के लिए लाखों रुपए की लागत से अमृत सरोवर तालाब का निर्माण किया गया था। जिसे दिलीप बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने अपने स्वार्थ के लिए खोदकर कर तहस नहस कर दिया है। मामला धरमजयगढ अंतर्गत सिसरिंगा ग्राम पंचायत का है, जहां डीबीएल कंपनी शासन से निर्मित शासकीय तालाब को खोद डाला है। स्थानीय सरपंच श्रीराम राठिया एवं ग्रामीणों के मुताबिक गांव के किसान ज्ञान दास महंत द्वारा निजी जमीन पर खुदाई कर खेत बनाने के लिए डीबीएल कंपनी के जिम्मेदारों से कराया जा रहा था। कंपनी ने सडक़ में मिट्टी खपाने के लिए खेत के साथ साथ अमृत सरोवर तालाब का भी खुदाई कर दिया। बाद में भी उक्त जमीन पर बेतहाशा खनन जारी रहा। धर्मजयगढ़ क्षेत्र में डीबीएल कंपनी के नियम विरुद्ध कार्य करने की शिकायतें आती रही हैं। जिनकी फेहरिस्त निसंदेह लंबी है जो उनके अवैध निर्माण कार्य की कहानी बयां कर रहे हैं। फिलहाल संबंधित सरपंच एवं गांव के कुछ जागरूक ग्रामीणों द्वारा इस गंभीर मसले पर शिकायत की गई है। धरमजयगढ एसडीएम और जनपद अधिकारी सीईओ से मिलकर इस मामले पर शिकायत दर्ज करा चुके हैं। अब देखने वाली बात होगी कि क्या संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं या फिर डीबीएल कंपनी की मनमानी इसी तरह आगे भी जारी रहती है।
डीबीएल कंपनी ने अमृत सरोवर में किया अवैध उत्खनन, हुई शिकायत
अधिकारियों को कराया गया अवगत, कार्रवाई की मांग



