सारंगढ़। अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत टिमरलगा खनिज जांच चौकी बेरियर में इन दिनों एक चपरासी की मनमौजी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में बैठे कलेक्टर और खनिज अधिकारी मुख दर्शन बन देख रहे हैं, क्या खनिज अधिकारी और कलेक्टर से भी ऊपर हो गया है चपरासी वर्ग के कर्मचारी ? इन दिनों ऐसा ही सुनने और देखने को मिल रहा है। वहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज जांच चौकी टिमरलगा में अपने आप को खनिज चौकी प्रभारी बता कर अवैध वसूली का दौर जोरों से चल रहा है। वही चौथे ग्रेड के कर्मचारी अनुराग नंद अवैध रूप से वसूली करने में अब पीछे नहीं रह रहे हैं और कई ट्रांसपोर्टरों को तो अब महीने की शुरुआत कर दिया गया है, ऐसा लोग बाग में चर्चा बना हुआ है। सारंगढ़ खनिज विभाग द्वारा एक चपरासी को खुला छूट दे दिया गया है, तभी तो अवैध वसूली का दौर जोरों से चल रहा है। वैसे तो ड्राइवरों द्वारा बताया जा रहा है कि चपरासी के द्वारा अवैध वसूली और बड़ा-बड़ा डिमांड किया जा रहा है अगर ऐसे में खनिज विभाग या कलेक्टर इस पर कार्यवाही नहीं करेगी तो माइनिंग विभाग और कलेक्टर की भी किरकिरी होती नजर आ रही है। इस पर भी कलेक्टर साहब और खनिज विभाग के अधिकारियों को संज्ञान में लेकर कार्यवाही करनी चाहिए।
खनिज अधिकारी और कलेक्टर की बातों को चपरासी कर रहा है दरकिनार
वहीं सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चपरासी अनुराग नंद को सख्त हिदायत दिया गया है कि बेरियर में आपको जाना नहीं है, लेकिन उसके बाद भी रात के अंधेरों में शहंशाह बनकर अवैध वसूली करने के मनसा से खनिज जांच चौकी में आकर अवैध वसूली कर रहा है। क्या इस चपरासी पर कार्यवाही करने वाला कोई नहीं है या फिर किसी नेता का संरक्षण है। अगर नेता का संरक्षण हो फिर भी शासन प्रशासन से कोई बड़ा नहीं होता, लेकिन यहां तो किसी की बातों का कोई अहमियत नहीं है। देखते हैं अब आने वाले दिनों में इस पर क्या कार्यवाही होगी या फिर इसी तरह रात के अंधेरे में आकर अवैध वसूली का दौर लगातार जारी रहेगा।
चपरासी अनुराग को नहीं छोड़ रहा खनिज जांच चौकी टिमरलगा की मोह माया
वहीं सूत्रों के अनुसार पता चला है कि अनुराग खनिज विभाग में चपरासी के पद पर हैं, लेकिन इनकी मोह माया अब खनिज जांच चौकी टिमरलगा पर है। जैसे ही शाम होती है तो अवैध वसूली करने के लिए जांच चौकी टिमरलगा में आकर मैं चौकी प्रभारी हूं कहकर अवैध वसूली का दौर जारी रहता है और यह दौर सिर्फ एक से दो घंटे तक ही चलता है। बता दे कि इस अवैध वसूली की दौर में बेरियर वालों को कहा जाता है कि मैं गाड़ी मालिक से बात कर रहा हूं अगर बात हो गई तो ठीक है नहीं तो कार्यवाही करेंगे। इससे गाड़ी में रायल्टी पर्ची रहने के बाद भी ट्रांसपोर्टरों में एक डर का माहौल बनाना और अवैध वसूली करना इनका काम नजर आ रहा है और सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में बैठे कलेक्टर और तेज तर्रार में जाने वाले खनिज अधिकारी बजरंग पैंकरा को भनक तक नहीं है। देखिए खनिज अधिकारी महोदय आपके राज में कैसे हो रहा है, एक चपरासी खनिज जांच चौकी का प्रभारी बन जा रहा है और रात के अंधेरे में आकर अवैध वसूली का काम भी जोरों से किया जा रहा है। क्या इसको रोकने वाला कोई नहीं है या फिर मिली जुली सरकार चल रही है। हम कह रहे हैं कि क्या सारंगढ़ में बैठे कलेक्टर और खनिज विभाग के अधिकारी को भी इसकी जानकारी है, उसके बाद भी इस पर कुछ कार्यवाही नहीं ? यह तो शासन की घोर निंदा हो रही है।
चपरासी अनुराग नंद बना चौकी प्रभारी और रात के अंधेरे में हो रहा है अवैध वसूली
खनिज अधिकारी एक चपरासी को कैसे बना दिया चौकी प्रभारी, क्या खनिज विभाग की है मिली भगत



