जशपुरनगर। जिला प्रशासन जशपुर के पहल पर फेमेक्स कार्यक्रम अंतर्गत एन. डी.आर.एफ. की टीम द्वारा विद्यार्थियों, शिक्षकों और समुदाय को आपदा के समय सुरक्षित, सजग और सक्षम बनाने के उद्देश्य से आपदा प्रबंधन जागरूकता पर सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण विकासखंड-मनोरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में आयोजित हुई। जिसमें विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री तरूण कुमार पटेल, विद्यालय प्राचार्य श्री तिनतियुस टोप्पो, शिक्षकगण, विद्यार्थी, ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती पदमावती ओहदार, संजय भगत सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय उपस्थिति दर्ज की। प्रशिक्षण कार्यक्रम 03 बीएन एनडीआरएफ, मुण्डली, कटक, ओडिशा की विशेष टीम, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर वारूण कुमार एवं सब-इंस्पेक्टर बहादुर सिंह द्वारा किया गया। टीम ने विद्यालय परिसर में आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर लाइव प्रदर्शन एवं जागरूकता सत्र आयोजित किए।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
आपदा प्रबंधन पर जागरूकता सत्र- एनडीआरएफ टीम ने भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, सडक़ दुर्घटना एवं अन्य आपदाओं की स्थिति में क्या करें और क्या न करें इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, बचाव तकनीक तथा सुरक्षित निकासी के तरीकों से अवगत कराया। लाइव डेमोंस्ट्रेशन- टीम ने असली उपकरणों का उपयोग करते हुए राहत एवं बचाव की विभिन्न विधियों का प्रदर्शन किया। इससे विद्यार्थियों में आपदा की परिस्थितियों से निपटने की समझ और क्षमता विकसित हुई। 3 सामुदायिक सहभागिता- ग्राम पंचायत के सरपंच की मौजूदगी ने कार्यक्रम को सामुदायिक स्तर पर विशेष महत्व प्रदान किया। स्थानीय जनता को भी कार्यक्रम के दौरान आपदाओं से सुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। 4.विद्यालय परिवार की सक्रिय भूमिका- प्राचार्य एवं शिक्षकगण ने कार्यक्रम की व्यवस्था को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और स्वयं प्रशिक्षण में शामिल हुए। एनडीआरएफ टीम के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन की वास्तविक समझ विकसित हुई। इसी प्रकार विकासखंड मनोरा के ही पी.एम.श्री.स्कूल सेजेस मनोरा में भी प्राचार्य श्री संशोधन मिंज के नेतृत्व एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री गतपाल राम की उपस्थिति में आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 316 छात्र-छात्राओं एवं संस्था के उपस्थित शिक्षको में समझ विकसित हुई। कार्यक्रम ने न केवल जागरूकता बढ़ाई बल्कि दोनों विद्यालय परिसर में आपदा-प्रबंधन संस्कृति को मजबूत किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने एनडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त किया। सभी उपस्थित जनों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। फेमैक्स 2025-26 का यह आयोजन निश्चित रूप से विद्यालय और समुदाय दोनों के लिए आपदा-प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



