खरसिया। पुलिस ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) योजना के नाम पर किए गए फर्जीवाड़ा का खुलासा करते हुए अड़भार निवासी दंपत्ति को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय खरसिया में सहायक ग्रेड-02 पर पदस्थ खिलावन बंजारे ने आज थाना खरसिया में लिखित आवेदन देकर बताया कि घनश्याम टंडन और उसकी पत्नी ग्राम देवगांव में अशासकीय मदर इंडिया कॉन्वेंट स्कूल बड़े देवगांव के नाम से फर्जी विद्यालय संचालित कर रहा है।
आरोपियों ने स्वयं को संचालक और प्रधान पाठक बताकर वर्ष 2020-21 से आज तक ऐसा दर्शाया कि विद्यालय ग्राम बड़े देवगांव में संचालित है, जबकि वास्तविकता में वहां किसी भी स्थान या भवन में ऐसा कोई स्कूल अस्तित्व में ही नहीं है। साथ ही आरोपियों ने ग्राम बड़े देवगांव के उन बच्चों के नाम प्रवेश पंजी व उपस्थिति दर्ज किए गए जो वास्तव में शासकीय विद्यालय में अध्ययनरत थे। इन छात्रों को आरटीई के तहत प्रवेशित दिखाकर वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक कुल रुपए 22,52,281 की शुल्क एवं गणवेश प्रतिपूर्ति राशि शासन से प्राप्त कर अपने खाते में आहरित कर ली है।
जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ ने उक्त राशि शासन के पक्ष में जमा करने नोटिस भी दिया था, लेकिन आरोपियों ने राशि वापस नहीं की।
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर दोनों के विरुद्ध फर्जी विद्यालय संचालन और आरटीई राशि गबन की शिकायत दर्ज करने आवेदन खरसिया थाना में दिया था। जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धारा 318(4) एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर दंपती को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया।
आरटीई की आड़ में दंपात्ति कर रहे थे फर्जीवाड़ा
22.52 लाख की प्रतिपूर्ति राशि गबन, आरोपी पति-पत्नी गिरफ्तार



