रायगढ़। जुलाई 2023 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मंच पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, और केदार कश्यप ने वचन दिया था कि नियमितीकरण का रास्ता भारतीय जनता पार्टी (ठश्रच्) से होकर निकलेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि ष्हमारी सरकार बनने पर 100 दिनों के अंदर कमेटी गठित कर कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाएगा। प्रदेश संगठन के आव्हान पर रायगढ़ में भी एनएचएम कर्मचारी संघ का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है।
एनएचएम कर्मचारी संघ सरकार को इस वादे की याद दिलाते हुए मांग करता है कि कर्मचारियों के नियमितीकरण और उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार दावा कर रही है कि उनकी 10 में से 5 मांगें पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री को गुमराह किया और बिना किसी लिखित आदेश के गलत बयान दिया गया।
इस धोखे के विरोध में एनएचएम कर्मचारी संघ ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए प्रतिदिन रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं, ताकि सरकार का ध्यान आकर्षित हो। कर्मचारियों का कहना है कि ष्मोदी की गारंटी अब कोरी बातें साबित हो रही हैं। इस स्थिति से कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है, और वे अब जिला स्तर पर तथा रायपुर में बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक 10 सूत्रीय मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं होता, उनका आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। इस बीच, शासकीय अस्पतालों में ताले लगे होने के कारण मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है, और जीवन दीप समिति के कर्मचारियों पर बिना उचित प्रशिक्षण के ड्यूटी का दबाव डाला जा रहा है। कई अस्पतालों ने सूचना बोर्ड लगाकर मरीजों से असुविधा के लिए खेद भी जताया है।
एनएचएम कर्मचारियों का सरकार से सवाल, वादों का आईना दिखाया
कहा- 100 दिन में नियमितीकरण का हिसाब लाओ
