रायपुर। पं.जवाहरलाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. आशीष सिन्हा के खिलाफ सेक्सुअल हैरेसमेंट केस मामले में सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच, जिसमें जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्र शामिल थे, ने डॉक्टर की स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने का कोई उचित आधार नहीं है। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डॉ. सिन्हा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डॉ. आशीष सिन्हा के लिए कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस अब आगे की कार्रवाई तेज कर सकती है।
रायपुर मेडिकल कॉलेज में कम्युनिटी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. आशीष सिन्हा पर उनके ही डिपार्टमेंट की स्टूडेंट ने सेक्सुअल हैरासमेंट का केस किया है। छात्रा ने प्रोफेसर डॉ सिन्हा पर छेड़छाड़ और मानसिक प्रताडऩा का भी आरोप लगाया है। मौदहापारा थाने की पुलिस ने डॉ. सिन्हा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 और 75(2)(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्रा के मुताबिक डॉ सिन्हा उन्हें अपने केबिन में बुलाकर बैड टच करते थे। इसके अलावा शिकायत करने पर इंटरनल एग्जाम में फेल करने जैसी धमकी भी दी है। ये हैरासमेंट सिर्फ फिजिकली नहीं था। डिजिटली भी डॉ सिन्हा अपनी स्टूडेंट को अलग-अलग तरह के ऑफर दिया करते थे। ये हैरासमेंट पिछले एक साल से चल रहा था।
सेक्सटॉर्शन केस : डॉ. आशीष सिन्हा को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत



