रायपुर

सीबीआई जांच के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन आज

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य कांग्रेस नेताओं के घर सीबीआई की जांच के खिलाफ कांग्रेस कल प्रदेशभर में केंद्र और राज्य सरकार का पुतला दहन करेगी. जिला स्तरीय पुतला दहन कार्यक्रम में कांग्रेस के सभी नेता मौजूद रहेंगे। बता दें कि ईडी के बाद अब सीबीआई ने महादेव सट्टा एप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर और भिलाई निवास में आज दबिश दी है. भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और राजनैतिक सलाहकार विनोद वर्मा के घर भी सीबीआई ने छापा मारा है. इसे लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर द्वेषपूर्ण करवाई का लगाया है. इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने 27 मार्च को प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है.
सीबीआई की टीम ने आज तडक़े रायपुर, भिलाई समेत दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, आईपीएस अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, केपीएस ग्रुप के निशांत त्रिपाठी, पूर्व ओएसडी मनीष बंछोर व आशीष वर्मा, निरीक्षक गिरीश तिवारी समेत अन्य के ठिकानों पर छापे की खबर है.
राजनांदगांव के व्हीआईपी कॉलोनी सन सिटी में स्थित बघेल सरकार में प्रभावशाली अधिकारी रहे अतिरिक्त पुलिस अधिकारी अभिषेक महेश्वरी के घर पर सीबीआई की टीम पहुंची, जहां उनके घर को सील कर दिया गया है. सीबीआई की टीम जब महेश्वरी के घर पहुंची तो वहां वे मौजूद नहीं थे. भिलाई स्थित आवास में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल से टीम पूछताछ कर रही है. वहीं बघेल केंद्रीय सुरक्षा बल की कड़ी निगरानी के बीच परिवार के साथ अपने निवास पर मौजूद हैं. वहीं बघेल सरकार में सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित घर पर सीबीआई की टीम छान-बीन कर रही है. कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज घर से बरामद किए जाने की चर्चा है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्त 2024 में महादेव बेटिंग एप घोटाले की जांच आधिकारिक तौर पर सीबीआई को सौंप दी थी. ईडी ने पिछले साल जनवरी में इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी, जिसके बाद इसका जिम्मा एसीबी और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भी सौंप दिया गया था. इस साल लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले 4 मार्च को एसीबी द्वारा दायर चार्जशीट में भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया था. भूपेश बघेल के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. कई अन्य भी आरोपी बनाए गए थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button