रायपुर। प्रदेश में सियासी माहौल एक बार फिर धर्मांतरण के नाम पर गरमाया हुआ है। जिस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज मिशनरियों का बोल बाला है। एजुकेशन और हेल्थ में यह लोग हावी है। इसका दुष्प्रभाव यह हो रहा है कि इसकी आड़ में लोग धर्मांतरण ज्यादा करते हैं। तो यह रुकेगा, हिंदुत्व को एक ताकत भी मिलेगी।
दरअसल, रविवार को रायपुर में एक कॉलेज इवेंट में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए यह बयान दिया है। इस पर कांग्रेस ने सरकार को चैलेंज किया है। कितने चर्च बने इसका हिसाब मांगा है। पिछले महीने दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा था कि, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस धर्मांतरण करवाती रही है, लेकिन अब हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि, मैं स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि कांग्रेस पार्टी अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए धर्मांतरण को बढ़ावा देती रही है। सीएम साय ने दिल्ली में मीडिया एजेंसी को बयान दिया है। सीएम साय ने कहा था कि, पिछली सरकार में धर्मांतरण जोरों पर हुआ। शिकायतकर्ता के ऊपर ही कार्रवाई होती थी। जो धर्मांतरित हो जाता है वो भाजपा से तो फिर अलग ही हो जाता है। अब ऐसा कुछ भी नहीं होगा। ऐसा नहीं होने देंगे, धर्मांतरण पर रोक लगेगी।
बागेश्वर वाले बाबा भी बोले
27 जनवरी तक रायपुर में कथा करने पहुंचे बागेश्वर धाम वाले पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ले कहा था कि भारत में राम राज्य का सूर्योदय हुआ है। एक नई ऊर्जा आई है, भारत के लोग अखंडता की ओर एकता की ओर बढ़ रहे हैं। त्रेतायुग प्रारंभ किया है अब द्वापर युग की तैयारी है। अब बागेश्वर व्यास पीठ हनुमान जी की कृपा से छत्तीसगढ़ में समूचे क्षेत्र में जो कनवर्जन (धर्मांतरण) हो रहा है उसे रोका जाएगा।
कांग्रेस का चैलेंज
मुख्यमंत्री के बयान पर कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने चुनौती देते हुए कहा कि देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। कांग्रेस मुख्यमंत्री को चुनौती देती है कि वह धर्मांतरण को लेकर विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर श्वेत पत्र जारी करें। बताएं कि रमन सरकार के समय प्रदेश में कितने चर्च बने थे। ये भी बताएं कि भूपेश सरकार के दौरान कितने चर्च बने थे।
मिशनरी एजुकेशन-हेल्थ की आड़ में कर रहे धर्मांतरण- सीएम साय



