जशपुर। रोटी खाने चलो कहकर 7 वर्षीय मासूम बच्ची को अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के संगीन मामले में दर्ज कराई गई शिकायत पर कांसाबेल पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले को न्यायालय में पेश किया, जहां सशक्त विवेचना व लोक अभियोजक की शानदार पैरवी करने से आरोपी 62 वर्षीय बुजुर्ग को न्यायालय ने 20 साल के सश्रम करावास व अर्थदंड से दंडित कर सजा सुनाई है।
इस संबंध में पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जशपुर जिला के कांसाबेल थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 13 अगस्त 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी 07 वर्षीय बच्ची 09 अगस्त की शाम करीब 06 बजे गांव के एक व्यक्ति के घर में टी.व्ही. देखते हुए खाना खा रही थी। इसी दौरान आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू वहां आया और पीडि़ता को ‘रोटी खाने चलो’ कहकर अपने साथ घर लेकर गया और वहां पहुंचकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ समय बीत जाने के बाद भी जब पीडि़ता वापस नहीं आई तो उसके परिजन उसे खोजने लगे। इसी दौरान गांव का एक व्यक्ति पीडि़ता को लेकर वापस आता दिखाई दिया। पूछताछ करने पर उक्त व्यक्ति ने बताया कि उसने आरोपी के घर की खिडक़ी से अंदर देखा था, जहां पीडि़ता वस्त्र धारण कर रही थी तथा आरोपी विनोद एक्का भी वस्त्र धारण कर रहा था। इसके बाद 10 अगस्त को पीडि़ता की मां ने उससे घटना के संबंध में पूछताछ की। इस दौरान पीडि़ता ने अपनी मां को बताया कि आरोपी विनोद एक्का उर्फ छोटा दादू द्वारा उसके साथ गलत कृत्य किया गया है। पीडि़ता द्वारा बताई गई घटना की जानकारी परिजनों को दी गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीडि़ता के पिता ने 13 अगस्त को कांसाबेल थाना में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के आधार पर कांसाबेल पुलिस ने आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू के विरुद्ध धारा 65(2) बीएनएस एवं धारा 4, 6 पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
इस दौरान थाना में दर्ज पॉक्सो एक्ट प्रकरण में थाना प्रभारी एवं विवेचक जितेंद्र कुमार ताम्रकार की कुशल विवेचना तथा विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) अनुपम कुमार तिर्की की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप आरोपी को अभियोग पत्र प्रस्तुत होने के मात्र 23 दिवस में माननीय न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई है। एफआईआर दर्ज होने के मात्र 40 दिवस में भी प्रकरण में न्यायालय से सजा का निर्णय भी आया है।
अभियोग पत्र के 23 दिवस में सजा
जशपुर पुलिस द्वारा प्रकरण में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए 02 सितंबर को अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा प्रकरण की त्वरित सुनवाई करते हुए 24 सितंबर को निर्णय पारित किया गया। इस प्रकार अभियोग पत्र प्रस्तुत होने के मात्र 23 दिवस के भीतर आरोपी को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई। वहीं एफआईआर दर्ज होने के 40 दिवस के भीतर न्यायालय से सजा का निर्णय आया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) अनुपम कुमार तिर्की द्वारा प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की गई। विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा पीडि़ता सहित कुल 13 साक्षियों का परीक्षण कराया गया तथा प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। विवेचक जितेंद्र कुमार ताम्रकार द्वारा संकलित साक्ष्यों एवं विशेष लोक अभियोजक श्री अनुपम कुमार तिर्की द्वारा की गई प्रभावी पैरवी के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध किया गया।
आरोपी को सश्रम कारावास की सजा
माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू 62 वर्ष को धारा 65(2) बीएनएस- 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दो हजार रुपए का अर्थदण्ड। धारा 127(2) बीएनएस-01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं रुपए 1,000/- अर्थदण्ड। धारा 6 पॉक्सो अधिनियम-20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं रुपए 2,000/-अर्थदण्ड से दंडित किया है। साथ ही सभी कारावास की सजाएं साथ-साथ चलेंगी।



