रायगढ़। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशवासियों को साइबर अपराधों से बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ का तृतीय सप्ताह आज 30 अगस्त से प्रारंभ होकर 05 सितंबर 2026 तक चलेगा। सात सप्ताह तक चलने वाले इस व्यापक जनजागरूकता अभियान के तृतीय सप्ताह में ‘डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा’ विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में रायगढ़ पुलिस द्वारा थाना एवं चौकी क्षेत्रों में आमजन को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी देकर उनसे बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। इसी क्रम में चौकी जोबी पुलिस द्वारा चौकी परिसर में विभिन्न सामाजिक एवं महिला संगठनों से जुड़ी सक्रिय महिलाओं को आमंत्रित कर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर ने महिलाओं को ‘डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा’ के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई प्रक्रिया नहीं है। साइबर ठग पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन के माध्यम से लोगों को डराते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे की मांग करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं को छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर जागृति अभियान’ से जुडऩे के लिए अभियान के स्कैनर कोड को स्कैन करने अथवा दिए गए लिंक पर क्लिक कर अपनी जागरूकता ‘सेल्फी’ लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।
तमनार पुलिस ने ग्रामीणों को बताया- डरिए नहीं, जागरूक रहें, ठगी से बचिए
तमनार पुलिस द्वारा ग्राम बुडिय़ा में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को ‘डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा’ विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी लोगों को डराने, लालच देने अथवा झूठे कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर ठगी करते हैं। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि अनजान कॉल पर विश्वास न करें, किसी भी व्यक्ति को ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न दें तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए पैसों की मांग करता है तो तत्काल कॉल काटकर पुलिस से संपर्क करें। पूंजीपथरा, लैलूंगा, छाल और भूपदेवपुर पुलिस ने बाजार-हाट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया साइबर जागरूकता अभियान इसी कड़ी में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में तराईमाल में पूंजीपथरा पुलिस द्वारा ग्रामीणों को जागरूक किया गया तथा लैलूंगा एवं छाल पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र के बाजार-हाट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा’ के संबंध में जागरूक करते हुए बताया कि साइबर ठग पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराते-धमकाते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसों की मांग करते हैं। वहीं भूपदेवपुर पुलिस द्वारा भूपदेवपुर क्षेत्र में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को साइबर अपराधों के नए तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर विश्वास न करें और भय अथवा लालच में आकर अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें। रायगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता और जागरूकता है। स्वयं जागरूक बनें और परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों के प्रति जागरूक करें
डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचने के उपाय
पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी फोन/वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, सीव्हीव्ही, पीन, यूपीआई पीन या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। अनजान नंबर से आए लिंक, उपीके फाइल या संदिग्ध क्तक्र कोड पर क्लिक न करें। वीडियो कॉल पर कोई अधिकारी बनकर धमकाए तो कॉल तुरंत काट दें और संबंधित थाने से संपर्क कर सत्यापन करें। साइबर ठगों द्वारा बताए गए किसी खाते में डर या दबाव में पैसे ट्रांसफर न करें। अपने मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर इंस्टॉल न करें। सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी सार्वजनिक न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा साइबर क्राईम डॉट जीओव्ही डॉट इन पर शिकायत करें। ठगी होने की स्थिति में जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, राशि को होल्ड कराने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।



