रायगढ़। जिले के कापू थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या के मामले में करीब चार महीने से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कार्तिक राम पहाड़ी कोरवा घटना के बाद तमिलनाडु में रहकर पुलिस से बच रहा था। पुलिस को उसके अपने गांव लौटने की सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। मामले में मर्ग जांच के दौरान मिले बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया था। पूछताछ में आरोपी ने पत्नी के साथ विवाद के बाद मारपीट करने और उसकी मौत होने की बात स्वीकार की है।
मामला कापू थाना क्षेत्र के गुड़ाआमा इंचपारा पेलमा गांव का है। पुलिस के मुताबिक, मृतका ननकी बाई पहाड़ी कोरवा, उम्र करीब 30 वर्ष, की मृत्यु के संबंध में 4 जून को मर्ग इंटिमेशन दर्ज किया गया था। शुरुआत में पुलिस ने मामले की मर्ग जांच शुरू की और घटना से जुड़े लोगों के बयान लिए। जांच के दौरान मृतका के पिता जीतन राम पहाड़ी कोरवा सहित प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार, गवाहों के बयानों से घटना से पहले मृतका और उसके पति कार्तिक राम के बीच विवाद और मारपीट की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को जांच के दायरे में लिया।
पुलिस के अनुसार, गवाहों ने बताया कि 3 जून को कार्तिक राम अपनी पत्नी ननकी बाई के साथ इंचपारा से गुड़ाआमा की ओर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में दोनों के बीच विवाद हुआ। पुलिस का कहना है कि गाड़ा घुटरा के जंगल-पहाड़ी रास्ते के पास आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की। घटना के बाद ननकी बाई की हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई। मामले की जांच आगे बढऩे पर पुलिस ने घटना से जुड़े बयानों और अन्य साक्ष्यों का मिलान किया। इसके बाद आरोपी की भूमिका को लेकर पुलिस के सामने पर्याप्त तथ्य आए।
मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक ने मृत्यु को हॉमिसाइडल यानी हत्यात्मक प्रकृति का बताया। इसके बाद मर्ग जांच में सामने आए तथ्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी कार्तिक राम पहाड़ी कोरवा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज किया। अपराध दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार फरार था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी और उसके तमिलनाडु में होने की जानकारी भी सामने आ रही थी।
हत्या के बाद तमिलनाडु में छिपा था,
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए तमिलनाडु चला गया था। करीब चार महीने तक वह वहीं रहकर फरारी काट रहा था। पुलिस लगातार आरोपी की गतिविधियों और उसके संभावित ठिकानों के संबंध में जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान कापू थाना प्रभारी निरीक्षक धर्माराम तिर्की को सूचना मिली कि हत्या का आरोपी अपने गांव गुड़ाआमा इंचपारा पेलमा वापस आया हुआ है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल पुलिस टीम को सक्रिय किया।
गांव पहुंचते ही पुलिस ने घेरा
आरोपी के गांव लौटने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ाते हुए आरोपी को पकडऩे की कार्रवाई शुरू की। घेराबंदी के दौरान कार्तिक राम पहाड़ी कोरवा पुलिस के हाथ लग गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर थाना लाया गया और मामले में आगे की पूछताछ की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से करीब चार महीने से फरार चल रहे आरोपी की तलाश पूरी हुई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने घटना के संबंध में अपना बयान दिया। उसने बताया कि घटना वाले दिन वह अपनी पत्नी के साथ चावल खरीदने के लिए ग्राम घोघरा बाजार गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि बाजार से वापस लौटते समय दोनों ने शराब का सेवन किया था। घर लौटने के दौरान गाड़ा घुटरा के जंगल-पहाड़ी रास्ते के पास उसकी पत्नी रास्ते में रुक गई थी। इसके बाद घर जाने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार, विवाद बढऩे पर आरोपी ने पत्नी के साथ मारपीट की और इसी दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने आरोपी के इस बयान को केस डायरी में शामिल कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है।



