रायगढ़। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रायगढ़ के चक्रधर क्लब में खिलाडिय़ों ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। क्लब के खिलाडिय़ों ने मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके खेल जीवन से जुड़ी उपलब्धियों को याद किया। इस अवसर पर खिलाडिय़ों को चॉकलेट वितरित कर खेल के प्रति उनके उत्साह को बढ़ाया गया। कार्यक्रम में रायगढ़ जिले का नाम रोशन करने वाली 15 वर्षीय खिलाड़ी अदिति सिंह और 15 वर्षीय खिलाड़ी लक्ष्य प्रधान को भी सम्मानित किया गया।
29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर देशभर में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। चक्रधर क्लब में आयोजित कार्यक्रम में खिलाडिय़ों ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके योगदान को नमन किया। इस दौरान खिलाडिय़ों को उनके खेल जीवन और भारतीय हॉकी में योगदान के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि मेजर ध्यानचंद ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 400 से अधिक गोल किए थे। उनकी कप्तानी में भारतीय हॉकी टीम ने तीन बार ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया।
कार्यक्रम के दौरान खिलाडिय़ों को बताया गया कि मेजर ध्यानचंद की पहचान केवल उनकी शानदार हॉकी तकनीक के कारण नहीं थी, बल्कि खेल के प्रति उनका अनुशासन और समर्पण भी उन्हें महान खिलाडिय़ों की श्रेणी में अलग स्थान देता है। क्लब के खिलाडिय़ों ने इस अवसर पर उनके खेल जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया। खिलाडिय़ों को समर्पण, जुनून, एकाग्रता और समय की पाबंदी जैसे गुणों को अपने खेल जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। खेल में सफलता के लिए नियमित अभ्यास के साथ अनुशासन और निरंतरता को महत्वपूर्ण बताया गया। खिलाडिय़ों से कहा गया कि मैदान पर प्रदर्शन के साथ खेल भावना और पारदर्शिता को भी हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राष्ट्रीय खेल दिवस के कार्यक्रम में रायगढ़ जिले की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 15 वर्षीय अदिति सिंह और 15 वर्षीय लक्ष्य प्रधान का सम्मान किया गया।
दोनों युवा खिलाडिय़ों ने खेल के क्षेत्र में अपने प्रदर्शन से जिले का नाम रोशन किया है। कम उम्र में खेल के प्रति उनकी सक्रियता और उपलब्धियों को देखते हुए चक्रधर क्लब की ओर से उनका सम्मान किया गया। इस तरह का सम्मान युवा खिलाडिय़ों के लिए प्रोत्साहन का काम करता है और उन्हें अपने खेल में आगे बढऩे के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के दौरान चक्रधर क्लब से जुड़े खिलाडिय़ों में उत्साह देखने को मिला। मेजर ध्यानचंद की उपलब्धियों और उनके खेल जीवन से जुड़े प्रसंगों को साझा करते हुए खिलाडिय़ों को बताया गया कि खेल में केवल प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत और अनुशासन भी जरूरी है। राष्ट्रीय खेल दिवस का उद्देश्य भी खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोडऩा है। ऐसे अवसरों पर स्थानीय खिलाडिय़ों को सम्मानित किए जाने से उन्हें अपनी प्रतिभा को और बेहतर करने का प्रोत्साहन मिलता है। चक्रधर क्लब में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पहचान और प्रोत्साहन मिलना जरूरी है। रायगढ़ में विभिन्न खेलों से जुड़े युवा लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाडिय़ों की उपलब्धियों को याद करना नई पीढ़ी के खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा का माध्यम बन सकता है। उनके खेल जीवन से अनुशासन, एकाग्रता और मेहनत की सीख लेकर युवा खिलाड़ी अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकते हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर चक्रधर क्लब में मेजर ध्यानचंद को नमन, अदिति सिंह और लक्ष्य प्रधान का सम्मान



