सारंगढ़-बिलाईगढ़। भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को लखनऊ में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट विषय पर दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए, छात्रों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं के ज्ञान व समझ को आगे बढ़ाने और लोकतंत्र को समृद्ध बनाने के लिए ईएलसी अत्यंत आवश्यक हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उल्लेख किया कि भारत में चुनाव पूरी तरह से भारत के संविधान, कानून और ईसीआई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार तथा सभी चरणों में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों के समवर्ती ऑडिट के तहत पारदर्शी तरीके से आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने छात्रों और युवा मतदाताओं को भारत की चुनाव प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रियाओं तथा भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका व कार्यप्रणाली से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
युवा नागरिकों को जोडऩे के महत्व पर जोर देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में उनका विश्वास और जागरूक भागीदारी लोकतंत्र के भविष्य में एक निवेश है। ईएलसी 2.0, अपनी टैगलाइन लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें। के साथ, युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को न केवल लोकतंत्र को समझने, बल्कि इसमें सार्थक रूप से भाग लेने और इसकी प्रगति में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य को मजबूती प्रदान करता है। इससे पहले दिन में, ज्ञानेश कुमार ने अपने पूर्व शिक्षण संस्थान (अल्मा मेटर), कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज का दौरा किया और स्कूल के शिक्षकों व छात्रों के साथ संवाद किया।
ईएलसी 2.0 स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों को संरचित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम मंच के रूप में पुनर्कल्पित करता है। यह पहल युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और उनके परिवारों, शिक्षण संस्थानों तथा समुदायों में चुनावी जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए वर्ष भर चलने वाली निरंतर गतिविधियों की परिकल्पना करती है। ईएलसी 2.0 व्यापक ‘ईसीआईनेट’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएगा, जो एक क्लिक पर मतदाता सूची से लेकर मतदान तक चुनाव से जुड़ी सभी सेवाएं प्रदान करता है। ईसीआईनेट पर एक समर्पित ईएलसी पोर्टल के माध्यम से ईएलसी का एक सुव्यवस्थित अखिल भारतीय नेटवर्क तैयार किया जाएगा। यह पहल भारत के व्यापक शैक्षणिक तंत्र के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें लगभग 15 लाख स्कूल, करीब 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक शामिल हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और करीब 70,000 शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं, जिनमें अनुमानित 4.33 करोड़ छात्र नामांकित हैं। इस विशाल संस्थागत नेटवर्क के माध्यम से, ईएलसी 2.0 का उद्देश्य तथ्यात्मक और अनुभवात्मक चुनावी शिक्षा को बढ़ावा देना, भारत की चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवा नागरिकों को जागरूक लोकतांत्रिक भागीदारी का राजदूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। ईएलसी मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना सहित चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के साथ-साथ ईसीआईनेट ऐप और भारत निर्वाचन आयोग की अन्य प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी प्रसारित करने के मंच के रूप में भी कार्य करेंगे।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का भविष्य हैं छात्र : मुख्य निर्वाचन आयुक्त



