घरघोड़ा। एनटीपीसी तिलईपल्ली क्षेत्र में 22 अगस्त 2026 को ड्राइवर की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद आखिरकार प्रशासन की पहल से समाप्त हो गया। मृतक के परिजनों, ड्राइवर एसोसिएशन, ट्रांसपोर्टर और ग्रामीणों के बीच हुई बैठक में आपसी सहमति बनने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया। प्रशासन की मध्यस्थता के बाद मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने पर सहमति बनी। इसके बाद एनटीपीसी रायकेरा के मुख्य द्वार पर वाहनों की आवाजाही भी दोबारा शुरू हो गई।
घटना के बाद ड्राइवर एसोसिएशन और ग्रामीणों ने ट्रांसपोर्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। प्रदर्शनकारियों ने एनटीपीसी रायकेरा के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए वाहनों की आवाजाही रोक दी थी। इससे क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के साथ तनाव की स्थिति बन गई थी। मामले के समाधान के लिए प्रशासन ने दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाया।
मौत के बाद शुरू हुआ था विरोध
एनटीपीसी तिलईपल्ली क्षेत्र में 22 अगस्त को एक ड्राइवर की मृत्यु के बाद विवाद की स्थिति बनी। मृतक के परिवार और ड्राइवरों से जुड़े लोगों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रांसपोर्टर के खिलाफ विरोध शुरू किया।
ड्राइवर एसोसिएशन और ग्रामीणों ने एनटीपीसी रायकेरा मुख्य द्वार पर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे परिवहन गतिविधियों पर असर पड़ा। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और मामले में जिम्मेदारी तय की जाए।
धरना जारी रहने के कारण प्रशासन के सामने भी गतिरोध दूर करने की चुनौती थी। स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने संबंधित सभी पक्षों से चर्चा कर समाधान निकालने की पहल की।
प्रशासन ने बुलाई सभी पक्षों की बैठक
मामले को लेकर एसडीएम प्रवीण तिवारी के दिशा-निर्देश पर प्रशासन ने बैठक आयोजित की। घरघोड़ा तहसीलदार मनोज कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मृतक के परिजन, ड्राइवर एसोसिएशन के प्रतिनिधि, ट्रांसपोर्टर और ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में सभी पक्षों की बातें सुनी गईं। प्रशासन ने मामले से जुड़े पक्षों के बीच आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया। चर्चा के दौरान मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति और घटना के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा गया। प्रशासन की ओर से विवाद को बातचीत के माध्यम से समाप्त करने पर जोर दिया गया, ताकि क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था सामान्य हो सके और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
चार लाख रुपये की सहायता पर बनी सहमति
बैठक के दौरान प्रशासन की मध्यस्थता से सभी पक्षों के बीच सहमति बनी। इसके तहत मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। सहायता राशि दिए जाने के बाद ड्राइवर एसोसिएशन और ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही एनटीपीसी रायकेरा के मुख्य द्वार पर रोकी गई वाहनों की आवाजाही भी फिर से शुरू हो गई। इस तरह करीब एक दिन से बने गतिरोध को प्रशासन की पहल के बाद फिलहाल समाप्त कर लिया गया।
रायकेरा गेट पर सामान्य हुई आवाजाही
धरना समाप्त होने के बाद एनटीपीसी रायकेरा मुख्य द्वार पर वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई। प्रदर्शन के कारण जिन वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, उनका परिचालन दोबारा शुरू किया गया। एनटीपीसी तिलईपल्ली क्षेत्र में परिवहन गतिविधियां स्थानीय रोजगार और कारोबार से भी जुड़ी हुई हैं। ऐसे में मुख्य द्वार पर वाहनों की आवाजाही रुकने से इसका असर व्यापक स्तर पर पड़ सकता था। प्रशासन की मध्यस्थता से समय रहते विवाद को शांत करने और परिवहन व्यवस्था बहाल करने में मदद मिली। हालांकि, मृतक की मौत से जुड़े मूल घटनाक्रम और उससे संबंधित अन्य पहलुओं को लेकर यदि आगे कोई जांच या कार्रवाई होती है तो उसके तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
मृतक परिवार को मिला तत्काल सहारा
ड्राइवर की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट की स्थिति पैदा हुई थी। ऐसे समय में 4 लाख रुपये की सहायता राशि परिवार के लिए तत्काल आर्थिक सहारा मानी जा रही है।



