रायगढ़। जिले में पत्नी ने अपने बेटे के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। शराब के नशे में खाना खाते समय पति ने पत्नी और बेटे को डांटा और खाना खाते-खाते घर में ही शौच कर दिया। इससे गुस्साए मां-बेटे ने प्लास्टिक की रस्सी से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद दोनों ने वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की जांच में मामला सामने आ गया।
पुलिस ने जांच के बाद आरोपी पत्नी रूधनी सिदार (50) और उसके बेटे परमेश्वर सिदार (29) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। 26 अगस्त 2021 को लैलूंगा थाना पुलिस को सूचना मिली कि कोड़ामाई गांव के चौकीदारपारा निवासी लच्छी राम सिदार की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक आरएन साय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। लच्छी राम घर के अंदर मृत अवस्था में पड़ा था और आसपास खून फैला हुआ था। इसके बाद पुलिस ने सभी पहलुओं से जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लच्छी राम की पत्नी रूधनी सिदार और बेटे परमेश्वर सिदार ने मिलकर उसकी हत्या की थी। दोनों ने प्लास्टिक की रस्सी से लच्छी राम का गला घोंट दिया था।पूछताछ में रूधनी सिदार ने अपराध कबूल करते हुए पुलिस को बताया कि 25 अगस्त 2021 की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच लच्छी राम शराब के नशे में घर आया था। उसने खाना मांगा, जिसके बाद रूधनी ने उसे खाना परोसा। खाना खाते समय लच्छी राम अपनी पत्नी और बेटे को डांटने लगा। इसी दौरान उसने घर में ही शौच कर दिया। इस बात को लेकर पत्नी और बेटे से उसका विवाद बढ़ गया।
रस्सी से गला घोंटकर की हत्या
विवाद के दौरान रूधनी और परमेश्वर गुस्से में आ गए। दोनों ने प्लास्टिक की रस्सी का फंदा बनाया और लच्छी राम के गले में डालकर दोनों तरफ से खींच दिया। इससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद मां-बेटे ने वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की जांच में हत्या का मामला सामने आ गया। विवेचना अधिकारी आरएन साय ने जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 302 के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा, घरघोड़ा की अदालत में हुई। न्यायालय ने गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रूधनी सिदार और परमेश्वर सिदार को हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही मृतक के आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की अनुशंसा की है। मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।



