रायगढ़। शहर के लाल बिल्डिंग से गांजा चौक जाने वाली गली में मंगलवार को दोपहर में पुराने भवन के डिस्मेंटल के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इस हादसे में करंट प्रवाहित खंभा गिरने से कुछ देर के लिए बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई थी, हालांकि विभाग द्वारा मौके पर पहुंच कर कुछ ही देर में व्यवस्था को बहाल किया गया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है कि शहर के लाल बिल्डिंग गांजा चौक रोड स्थित सौरभ अग्रवाल के पुराने मकान को ठेकेदार द्वारा बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के जेसीबी से तोड़ा जा रहा था। इस दौरान दीवार का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे सडक़ किनारे स्थित करंट प्रवाहित बिजली का खंभा नीचे आ गिरा और तार बिखर गए। तारों में करंट होने के कारण मौके पर जोरदार शॉर्ट-सर्किट हुआ और आसपास के क्षेत्र में बिजली गुल हो गई। अफरा-तफरी के माहौल के बीच स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए बिजली विभाग को सूचना दी, जिसके बाद बिजली सप्लाई बंद कराई गई। गनीमत रही कि घटना के वक्त सडक़ पर कोई राहगीर मौजूद नहीं था, अन्यथा जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में निगम प्रशासन और बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि नियमानुसार इस तरह की गंभीर लापरवाही के लिए मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए थी तथा घटना में प्रयुक्त जेसीबी को जब्त किया जाना चाहिए था।
हालांकि, किसी भी विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
लाल बिल्डिंग के पास पुराने मकान तोडऩे के दौरान एक एलटी खंभा गिरा है, जिससे लाईट बंद कर व्यवस्था को बहाल किया गया है। साथ ही नुकसान का आंकलन कर संबंधित मकान मालिक को नोटिस दिया जाएगा, साथ ही एफआईआर भी कराया जाएगा।
योगेश मेहर, इंजीनियर, बिजली विभाग
बड़े हादसे का इंतजार
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दिनों ठेकेदार पुराने भवनों के तोडफ़ोड़ के लिए ठेका तो ले ले रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं रहते। जिससे शहर के बीचों-बीच भारी-भरकम जेसीबी गाडिय़ों का बिना किसी ट्रैफिक चेकिंग या निगम की अनुमति के बेधडक़ संचालन करते हुए तोडफ़ोड़ कर रहे हैं। ऐसे में अगर समय रहते इन पर कार्रवाई नहीं होती है तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।



