रायगढ़। जिले में 2 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने पूंजीपथरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला कोर्ट पहुंचने के बाद सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने आरोपी को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई। यह घटना पूंजीपथरा थाना क्षेत्र की है।
मामले के अनुसार, 22 अगस्त 2023 को बच्ची की मां ने पूंजीपथरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसका पति काम के लिए प्लांट गया हुआ था और वह बच्चों के साथ घर पर थी। दोपहर करीब 1 बजे आरोपी राजू महतो उसके घर आया और बोला कि वह थोड़ी देर आराम करना चाहता है। महिला ने उसे घर के अंदर आराम करने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी कमरे में चला गया, जहां चटाई पर उसकी दो साल की बेटी सो रही थी। महिला घर के पीछे चबूतरे पर पड़ोसी से बात कर रही थी। इसी दौरान उसे बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। वह तुरंत कमरे में पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खोलकर अंदर जाने पर उसने आरोपी को आपत्तिजनक हालत में देखा। पीडि़ता की मां को देखते ही आरोपी राजू महतो मौके से भाग गया। बच्ची के शरीर से खून निकल रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी राजू महतो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद गवाहों के बयान दर्ज किए गए और सभी जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद मामले की चालान रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई।
मामले की सुनवाई करते हुए एफटीएससी पॉक्सो कोर्ट घरघोड़ा के विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन कुरैशी ने आरोपी राजू महतो को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जिसका मतलब है कि उसे जीवन के बाकी बचे समय तक जेल में रहना होगा। इसके साथ ही अलग-अलग धाराओं में आरोपी पर 7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
6 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की अनुशंसा
कोर्ट ने दो साल की पीडि़त बच्ची को क्षतिपूर्ति के तौर पर 6 लाख रुपए दिलाने की अनुशंसा की है। यह राशि विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से दी जाएगी। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अर्चना प्रेम मिश्रा ने पैरवी की। मामले में पीडि़त बच्ची की मां ने आरोपी के खिलाफ बयान नहीं दिया था। इसके बावजूद कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट और जांच अधिकारी की सही तरीके से की गई जांच के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।



