खरसिया। नगर की धन्य धरा पर श्री श्याम कुटुम्ब द्वारा श्री श्याम बिहारी मंदिर के में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ 05 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक आयोजित है। व्यासपीठ पर विराजमान वृन्दावन निवासी प्रभाकर कृष्ण जी महाराज अपनी मधुरवाणी से भक्तों को भागवत कथा का रसपान से अमृत रूपी कथा में डूबकी करा रहे है।
नगर की विख्यात धार्मिक संस्था श्री श्याम कुटुम्ब द्वारा 05 अगस्त से श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य आयोजन श्री श्याम बिहारी मंदिर में किया गया जिसके तहत श्रीमद् भागवत कथा में तृतीय दिवस 07 अगस्त को श्री श्याम बिहारी मंदिर में आज के मुख्य जजमान श्रीमति संपति देवी – श्री राजेन्द्र अग्रवाल (के.बी.) द्वारा विधि विधान से पूजन के पश्चात भागवत कथा के तृतीय दिवस 07 अगस्त को भागवत कथा की आरती करने के पश्चात प्रारंभ की गयी। वृंदावन से पधारे प्रभाकर कृष्ण जी महाराज द्वारा श्रीमद् भागवत के तीसरे दिन की कथा में महाराज श्री ने नवधा भक्ति का व्याख्यान किया भागवत कथा को आगे बढ़ाते हुए जड़भरत चरित्र की कथा सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए जड़भरत कथा में नरकों का वर्णन नाम जप से अजामिल की मुक्ति का वर्णन विस्तार से भक्तों को सुनाया सवर्णम्र कीर्तनम् विष्णुम् सम्रणम् पादसेवरम् अर्चनम् वंदनम् पहलाद की रक्षा के लिए भगवान नरसी का प्रागट्यहुआ। परमात्मा सर्वत्र एवं सब में विराजमान है आवश्यकता है सुंदर सृष्टि की सृष्टि दोष के कारण सामने उपस्थित परमात्मा के दीदार नहीं हो पाते जैसे प्रह्लाद जी ने भगवान को कण कण में देखा वैसे ही इस कलयुग में भी नरसी मेहता तुकाराम तुलसीदास मीरा गुरु नानक आदि महापुरुषों की नजर स्वच्छ एवं सुंदर थी उन्हें विश्व में भी सांवरे सरकार की दिव्य छवि का दर्शन होता था भगवान सदा स्वच्छ निश्चल भक्तों की और निहारते रहते हैं जड़ भरत ऋषभदेव जैसे भगवान के उत्तम भक्तों में जाने जाते हैं पूर्व कृत अपराधों में लिप्त अजामिल संत दर्शन के फलस्वरूप आपसे ही नहीं अपितु आवागमन के चक्कर से मक्तक्तहो गया भक्त प्रहलाद असुर कुल में उत्पन्न होकर नारद जैसे तत्व ज्ञानी भगवत उपासक सदाचारी पवित्र मन वाले गुरुदेव के संरक्षण में रहकर के कण-कण में परमात्मा की झांकी का दर्शन किया अत: नजर में काम क्रोध लोभ मोह छल कपट के लग जाने से सृष्टि भ्रम हो जाती है इसी तरह सब भक्तों को भगवान की मनमोहक छवि का दर्शन करना चाहिए एवं संकीर्तन करते हुए अपने मन को भगवान के चरणों में समर्पित कर देना चाहिए। श्री श्याम कुटुम्ब के संस्थापक मुकेश मित्तल, अध्यक्ष विजय अग्रवाल संरक्षक कैलाश अग्रवाल प्रेस, बजरंग अग्रवाल (मालुराम) कैलाश सपना, मनोज कबुलपुरिया, पूनम अग्रवाल, हरिष षर्मा, शंकर अग्रवाल, तरूण शर्मा (बिट्टू), रमेष अग्रवाल, राजेश बंसल, विनोद ए.आर., मनोज अग्रवाल (अम्बिका), सुनिल सुल्तानिया, ऋषभ अग्रवाल (एल.आर.), निशांत अग्रवाल, कन्हैया षर्मा, संजय एसआर.एम., मनोज गर्ग, निकुंज अग्रवाल, संदीप बरेलिया, आदि सदस्य श्याम गुणगान महोत्सव को भव्यता प्रदान करने के लिए जोर शोर से लगे हुए है।
श्रीमद् भागवत कथा के दौरान तृतीय दिवस 8 भक्तो द्वारा जोड़ा के साथ बैठकर पार्थिव शिवलिंग स्थापीत कर प्रत्येक जोड़े परिवार सहित भगवान भोलेनाथ शंकर जी का दूध, शहद, गन्नारस, अनार रस, एवं गंगाजल आदि से रूद्राभिषेक विधि विधान से पूजन करने के पश्चात प्रात: 09 बजे से प्रारंभ किया गया। रूद्राभिषेक के जजमान कैलाश सपना, छेदी अग्रवाल, काजल अग्रवाल (तहसीलदार साहब), सुनील सुल्तानिया, दीपक अग्रवाल (बुधराम), शुभम अग्रवाल, रामौमतार बरेलिया, कैलाश अग्रवाल लोहा अपनी सहपत्नि के साथ विधि विधान से पूजन कर रूद्राभिषेक का आनंद लिया।
परमात्मा सर्वस्व एवं सब में विराजमान है : प्रभाकर कृष्ण



