जांजगीर। श्रावण मास की आध्यात्मिक आस्था और शिवभक्ति का अनुपम संगम तीन अगस्त सोमवार को उस समय देखने को मिला, जब खोखराभाठा स्थित श्री बदरी गार्डन में आयोजित सार्वजनिक श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ भव्य जल कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर नगर भ्रमण किया। भगवान शिव के जयघोष, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।
स्वास्थ्य पेंशनर व प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ, समस्त पेंशनर्स, वरिष्ठ नागरिकों, कर्मचारी-अधिकारियों एवं शिव भक्तों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन की कथा गोसेवा धाम, रतनपुर के प्रसिद्ध व्यास पं. अनुराग कृष्ण दुबे सुना रहे हैं। जल कलश यात्रा आयोजन समिति एवं दीनदयाल कॉलोनी महिला समिति के नेतृत्व में श्री हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर दीनदयाल कॉलोनी के विभिन्न मार्गों से होती हुई कथा स्थल श्री बदरी गार्डन पहुंची, जहां वैदिक रीति-रिवाजों के साथ कथा का शुभारंभ हुआ। आयोजकों के अनुसार, प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शिव इच्छा तक श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा, जबकि सुबह 9 बजे से पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक कराया जाएगा। कथा के पहले दो दिनों में व्यास पं. अनुराग कृष्ण दुबे ने भगवान शिव की महिमा, भक्ति और सनातन संस्कृति के महत्व का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ऐसा रहेगा आगामी कार्यक्रम
आयोजन के तहत 5 अगस्त को सती चरित्र, 6 अगस्त को शिव-पार्वती विवाह उत्सव, 7 अगस्त को शिव अवतार एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा, 8 अगस्त को शिव भक्ति महिमा एवं महाशिवरात्रि कथा, 9 अगस्त को पंचाक्षर मंत्र की महिमा एवं शिव पूजा वर्णन तथा 10 अगस्त को बेलपत्र अर्पण, हवन-पूजन, सहस्रधारा, ब्राह्मण भोज, प्रसाद वितरण एवं विसर्जन के साथ आयोजन का समापन होगा।
आध्यात्मिक चेतना का संदेश
आयोजन समिति ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक संस्कार और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना है। श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के विशेष महत्व को देखते हुए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पहुंच रहे हैं। समिति ने नगरवासियों, पेंशनर्स, वरिष्ठ नागरिकों, कर्मचारी-अधिकारियों, महिलाओं, युवाओं एवं समस्त शिव भक्तों से कथा श्रवण, रुद्राभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।



