जांजगीर-चांपा। चांपा थाना पुलिस ने जमीन की खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़े के एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने 26 वर्ष पहले बेची जा चुकी जमीन को दोबारा बेचकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, रामगोपाल यादव उर्फ ननकीदाऊ (58) निवासी जगदल्ला चांपा ने अपनी नाम दर्ज भूमि का सौदा कोटाडबरी निवासी गौकरण पटेल से छह लाख 350 रुपए में किया था। सौदे के दौरान 50 हजार रुपए नकद अग्रिम लिए गए, जबकि 5 लाख रुपए का भुगतान चेक के माध्यम से आरोपी और उसके पुत्र को किया गया। इसके बाद भूमि की रजिस्ट्री प्रार्थी की पत्नी के नाम करा दी गई। मामले में उस समय बड़ा मोड़ आया, जब नामांतरण की प्रक्रिया के दौरान राजस्व अभिलेखों की जांच में पता चला कि यही जमीन आरोपी वर्ष 1996 में ही ग्राम कोसमंदा के एक व्यक्ति को बेच चुका था। उस समय नामांतरण नहीं होने का फायदा उठाते हुए आरोपी ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भूमि की दूसरी प्रति हासिल की और उसी जमीन की दोबारा रजिस्ट्री कर लाखों रुपये की ठगी कर दी। पीडि़त की शिकायत पर थाना चांपा में अपराध क्रमांक 286/2026 दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों से आरोपी की भूमिका प्रमाणित हुई। पुलिस ने किसान पुस्तिका सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर आरोपी रामगोपाल यादव उर्फ ननकीदाऊ के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336, 338 एवं 340(2) के तहत मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक वैष्णव के नेतृत्व में की गई। टीम में उप निरीक्षक भुवनेश्वर राठौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक निकिता साहू, गोपी सिंह, रूकसाना बानों, आरक्षक मुद्रिका दुबे, प्रकाश द्विवेदी, वीरेश सिंह तथा थाना चांपा के अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जमीन खरीदने वालों के लिए सबक
यह मामला दर्शाता है कि भूमि खरीदने से पहले केवल रजिस्ट्री ही नहीं, बल्कि राजस्व अभिलेख, पूर्व विक्रय इतिहास और नामांतरण की स्थिति का भी गहन परीक्षण करना आवश्यक है। छोटी-सी लापरवाही लाखों रुपए के नुकसान का कारण बन सकती है।



