रायगढ़। श्रावण सोमवार के अवसर पर घोघड़ धाम में जलाभिषेक करने के लिए कांवडियों के कई दल रविवार को रायगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे। यह दल दोपहर में साउथ बिहार एक्सप्रेस से घोघड़ धाम के लिए रवाना हुआ। ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने के कारण कई शिव भक्त अगली ट्रेन से अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान कर सके। कांवडियों के दल ने बताया कि साउथ बिहार एक्सप्रेस से यात्रा करने पर समय पर पहुंचा जा सकता है, जिसके कारण अधिकतर लोग इसी ट्रेन से जाना पसंद करते हैं। यही वजह है कि इस ट्रेन में भीड़ अधिक हो जाती है।
इस वर्ष श्रावण माह की शुरूआत 30 जुलाई से हुई है, जिसका समापन 28 अगस्त को पूर्णिमा पर होगा। श्रावण के आगमन को लेकर शिवालयों में सप्ताह भर पहले से तैयारियां चल रही थीं। वहीं, बैजनाथ धाम और घोघड़ धाम जाने वाले भक्त भी अपनी तैयारियों में जुटे हुए थे। पहले श्रावण सोमवार को घोघड़ धाम में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की रविवार सुबह से ही स्टेशन पर अपूर्व भीड़ देखी गई। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई थीं ताकि कांवडियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित यात्रा कर सकें। वहीं रविवार को रवाना होने वाले कांवडिय़ों का कहना था कि ये सभी जत्था घोघड़ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं, जो रविवार शाम को जल उठाकर सोमवार को सुबह जलाभिषेक करेंगे। इसको लेकर ओडिशा की तरफ जाने वाली सभी ट्रेनों में गहमा-गहमी का माहौल देखने को मिला। हालांकि अभी यही स्थिति पूरे श्रावण माह भर रहेगा। साथ ही कांवडिय़ो ने बताया कि सोमवार को घोघड़ धाम में जलाभिषेक करने के बाद फिर से साउथ बिहार एक्सप्रेस से ही वापस लौटेंगे, जिससे इन दिनों अप-डाउन दोनों ट्रेनेां में काफी भीड़ देखी जा रही है, जिसके चलते रिजर्वेशन करा कर सफर करने वाले आम यात्री लगातार परेशान हो रहे है।
घोघड़ धाम का अलग ही महत्व
इस संबंध में शिव भक्तों का कहना था कि राउरकेला के घोघड़धाम का एक अलग ही महत्व है। जिसको लेकर रायगढ़ जिले से हर साल बड़ी संख्या में शिव भक्त रवाना होते हैं। हालांकि यह नजदीक होने के कारण रविवार को ही रायगढ़ से रवाना होते हैं। जो रविवार शाम करीब चार बजे ट्रेन से उतरेंगे, इसके बाद पानपोस में स्नान कर जल उठाते हैं और पूरी रात करीब 40 किमी पैदल यात्रा कर सोमवार को सुबह घोघड़ धाम पहुंते हैं और वहां भोलेनाथ को जलाभिषेक करके फिर दोपहर को वहां से रायगढ़ के लिए रवाना हो जाते हैं। इससे दो दिन में इनकी यह यात्रा पूरी जो जाती है।
आज पहला सोमवार, ऊँ नम: शिवाय के मंत्र से गुंजेंगे शिवालय
रायगढ़। हिंदू धर्म में अति पवित्र सावन माह का पहला सोमवार आज 3 अगस्त को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। भगवान शिव को प्रिय इस महीने में भक्त पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मनोकामनाएं मांगेंगे। सुबह से रात तक शिवालयों में भक्तों का रेला शहर के प्रमुख गौरीशंकर मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर, पहाड़ मंदिर, पंडरीपानी महालक्ष्मी मंदिर, कोसमनारा बाबा सत्यनारायण धाम सहित सभी शिवालयों में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी। पूरा अंचल बम-बम भोले और ऊँ नम: शिवाय के जयकारों से गुंजायमान होगा। भक्तगण प्रात: स्नान कर जल लेकर मंदिर पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक, फूल, फल, बेलपत्र और पंचामृत से पूजन करेंगे। मान्यता है कि सावन में पवित्र मन से शिव पूजा और रुद्राभिषेक करने से देवाधिदेव महादेव सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। सुयोग्य पंडितों के सानिध्य में घरों और मंदिरों में रुद्राभिषेक यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा।
भजन-कीर्तन का आयोजन
पहले सोमवार की खुशी में दोपहर को कई स्थानों पर महाभंडारे का आयोजन होगा, जहां प्रसाद ग्रहण कर भक्त पुण्य के भागी बनेंगे। शाम को शिवालयों और घरों में भजन-कीर्तन की धूम रहेगी।
पावन सावन का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन माह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस माह में की गई पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है। सोमवार का दिन तो बाबा के भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। शहर के सभी शिवालयों में विशेष सजावट, फूलों और दीपों से सजावट की जा रही है। मंदिर समितियों ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं।



