रायगढ़। जिले में वन विभाग ने जंगली सुअर के शिकार के दो अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले मामले में एक आरोपी शिकार किए गए जंगली सुअर का मांस बेचने जा रहा था, जबकि दूसरे मामले में दो आरोपी मांस की कटाई करते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
पहला मामला रायगढ़ वन परिक्षेत्र के जुनवानी सर्किल का है। बडग़ांव परिसर रक्षक को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम गेरवानी नदी के पास एक व्यक्ति जंगली सुअर का शिकार कर उसका मांस बेचने जा रहा है। सूचना मिलते ही वन अमले ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और ग्राम गेरवानी के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके थैले से मांस बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम टीकाराम कंवर (48), निवासी ग्राम छिंदभौना बताया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि बिजली के तार से हुकिंग कर जंगली सुअर का शिकार किया गया था। इसके बाद टांगी से काटकर करीब 7.5 किलो मांस थैले में रखकर गांव में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। उसने यह भी स्वीकार किया कि इस वारदात में उसके अन्य साथी भी शामिल थे। वन विभाग ने आरोपी के कब्जे से 7.5 किलो मांस जब्त किया और उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 और 52 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
घरघोड़ा में दो आरोपी पकड़े गए
दूसरी कार्रवाई घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के ग्राम जरकट में की गई। वन विभाग की टीम गश्त पर थी, तभी वन क्षेत्र से लगे एक खेत में दो लोग जंगली सुअर का शिकार कर उसका मांस काटते हुए दिखाई दिए। वन अमले ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम मंगलूराम यादव और अमर साय, निवासी ग्राम जरकट, बताए। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जंगली सुअर का शिकार करना स्वीकार कर लिया। जिसे न्यायालय में पेश कर कार्रवाई की है।



