सारंगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शिक्षा विभाग ने लंबे समय से ड्यूटी से गायब चल रहे एक सहायक शिक्षक के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) जे.आर. डहरिया ने शासकीय प्राथमिक शाला नाचनपाली, विकासखंड सारंगढ़ में पदस्थ सहायक शिक्षक लक्ष्मी प्रसाद नायक को लगभग चार वर्षों तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी प्रसाद नायक 14 सितंबर 2022 से बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के लगातार अपने कर्तव्य से अनुपस्थित थे। लंबे समय तक विद्यालय नहीं पहुंचने और बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद उन्होंने न तो अपनी ड्यूटी जॉइन की और न ही विभागीय जांच के दौरान अपना पक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 28 जनवरी 2025 को विभागीय जांच प्रारंभ की गई थी। जांच के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सारंगढ़ को जांच अधिकारी तथा सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार कुरें को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, विभागीय प्रतिवेदन, संबंधित शिक्षक द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण तथा द्वितीय चिकित्सकीय अभिमत का विस्तृत परीक्षण किया गया।
जांच में यह स्पष्ट रूप से सिद्ध हुआ कि संबंधित शिक्षक बिना वैधानिक अवकाश स्वीकृति के लगातार अनुपस्थित रहे। यह कृत्य मूलभूत नियम-18, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-7 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2010 के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन माना गया। विभाग ने इसे शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, कर्तव्यविमुखता और सेवा अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना। प्रकरण के सभी तथ्यों, उपलब्ध अभिलेखों, विभागीय जांच प्रतिवेदन, स्पष्टीकरण एवं चिकित्सकीय अभिमत पर विचार करने के बाद डीईओ जे.आर. डहरिया ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-10(9) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए लक्ष्मी प्रसाद नायक को सहायक शिक्षक के पद से बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग द्वारा अनुशासन बनाए रखने और शासकीय सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चार साल तक स्कूल से गायब शिक्षक बर्खास्त, डीईओ की बड़ी कार्रवाई



