रायगढ़। जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। खरसिया के ग्राम बाम्हनपाली स्थित श्री चैतन्य टेक्नो इंग्लिश मीडियम स्कूल के निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल की मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा की है। स्कूल प्रबंधन को जारी किए गए शोकॉज नोटिस का भी निर्धारित समय में जवाब नहीं मिला।
बीईओ की जांच में पाया गया कि, स्कूल प्रबंधन अपने ही प्रकाशन की किताबें, कॉपियां सीधे विद्यार्थियों और अभिभावकों को बेच रहा था। किताबों और कॉपियों पर स्कूल का नाम भी मुद्रित मिला। इसके अलावा स्कूल परिसर में ही यूनिफॉर्म की बिक्री की जा रही थी, जो शासन के निर्देशों और शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है।
230 छात्रों को नहीं मिली छात्रवृत्ति का लाभ
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि, स्कूल में पढऩे वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के करीब 230 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं दिया गया। किसी भी पात्र छात्र की छात्रवृत्ति स्वीकृत नहीं कराई गई, जिससे वे सरकारी योजना के लाभ से वंचित रहे।
यू-डाइस पोर्टल में फर्जी विद्यार्थियों की एंट्री
निरीक्षण के दौरान यू-डाइस प्लस पोर्टल में दर्ज आंकड़ों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर मिला। स्कूल में कक्षा 9वीं और 10वीं में केवल 10-10 विद्यार्थी अध्ययनरत पाए गए, जबकि पोर्टल में 66 और 33 छात्रों की ऑनलाइन प्रविष्टि दर्ज थी। जांच में सामने आया कि अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों के नाम फर्जी तरीके से दर्ज कर उनके पेन और अपार आईडी बनाई गई थीं।
टीसी देने में टालमटोल, एप के नाम पर वसूली
जिला प्रशासन को मिली शिकायतों में यह भी सामने आया कि पालकों द्वारा टीसी मांगने पर स्कूल प्रबंधन अनावश्यक देरी करता है। वहीं विद्यार्थियों से ‘इनफिनिटी’ मोबाइल एप के नाम पर किताबों के साथ 1300 से 2000 रुपये तक अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी, जिसकी पुष्टि जांच में हुई है।
सरकारी गतिविधियां भी नहीं कर रहा था स्कूल
जांच में यह भी पाया गया कि शासन के निर्देशानुसार संचालित होने वाले यूथ क्लब, ईको क्लब समेत कई गतिविधियों का संचालन स्कूल में नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन लगातार शासन की गाइडलाइन और नियमों की अनदेखी कर रहा था।
मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताओं और नोटिस का जवाब नहीं मिलने के आधार पर स्कूल की मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। अब अंतिम निर्णय सक्षम स्तर पर लिया जाएगा।



