खरसिया। कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन के मद्देनजर क्षेत्र के किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आज सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं बीज निरीक्षक श्री जन्मेजय पटेल द्वारा विकासखंड खरसिया के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रायगढ़ रोड, खरसिया स्थित मैसर्स जय बालाजी एजेंसी प्रोपराइटर संजीव अग्रवाल के बीज भंडार एवं विक्रय स्थल की जांच की गई। भौतिक सत्यापन के दौरान पाया गया कि फर्म द्वारा दो प्रमुख कंपनियों अंकुर सीड और मनसा सीड के धान बीजों का भंडारण और विक्रय किया जा रहा था, परंतु इन दोनों कंपनियों के वैध स्रोत प्रमाण पत्र विक्रेता के बीज लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) में जुड़े नहीं थे। बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के खंड 13(1)(ए) के तहत इसे नियमों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए बीज निरीक्षक द्वारा उक्त दोनों कंपनियों के बीजों (अंकुर सोनम और मनसा विराट धान) के स्टॉक की बिक्री, वितरण और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके तहत कुल 400 किलोग्राम संदिग्ध बीज स्टॉक की बिक्री रोकी गई है।
बीज नियमों के उल्लंघन और अनिवार्य मासिक प्रतिवेदन प्रस्तुत न करने के कारण संस्था को बीज नियंत्रण आदेश, 1983 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रोपराइटर को निर्देशित किया गया है कि वे आगामी 11 जुलाई 2026 तक समस्त वैधानिक अभिलेखों के साथ अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। समयावधि में संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) निलंबन या निरस्तीकरण की सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण की संपूर्ण कार्यवाही वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नीलाम्बर प्रसाद सिदार, बीज निरीक्षक जन्मेजय पटेल एवं पुरुषोत्तम चौधरी द्वारा मौके के साक्ष्य को आधिकारिक फाइलों में दर्ज किया गया है, जिसमें गवाहों की उपस्थिति में पंचनामा विक्रय प्रतिबंध आदेश तैयार किया गया। विभाग ने सख्त लहजे में कहा है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले और बिना वैध दस्तावेजों के बीज बेचने वाले व्यवसायियों के खिलाफ आगे भी ऐसी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
खरसिया में बीज दुकान का औचक निरीक्षण
दो बड़ी कंपनियों के बीजों की बिक्री पर लगा प्रतिबंध



