रायगढ़। जिले के भविष्य को नजरअंदाज करके भविष्य में पानी के लिए तरसाने का कृत्य हो रहा है।जिस पर पर्यावरण विभाग,रायगढ़ ने अपने मनमानियां करके दर्जनों वृहद औद्योगिक संस्थाओं के मध्य एथेनॉल उद्योग लगाने की अनुमति देकर भविष्य में मृगमरीचिका और रेगिस्तान स्थान बनाने की ओर रायगढ़ जिले को धकेल दिया है।
रायगढ़ बचाओ लड़ेंगे रायगढ़ के विनय शुक्ला,जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा के वासुदेव शर्मा, जन चेतना के राजेश त्रिपाठी, संजय देवांगन,अभिषेक चौहान,आलोक शर्मा,सुरेंद्र पटेल,परेश मैती, चंद्रमणि बरेठ,आदर्श श्रीवास,शिवम कच्छवाहा,अमन तलरेजा, सुरेंद्र पटेल,सूरज यादव आदि ने मुख्य सचिव,छत्तीसगढ़ शासन को माननीय कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर बताया कि रायगढ़ शहर के कुछ किलोमीटर दूरी पर स्थित नवदुर्गा फ्यूल्स प्रा.ली. ग्राम सरायपाली,ब्लॉक घरघोड़ा को एथेनॉल प्लांट लगाने हेतु समस्त अनुमति प्रदान करने की कारस्तानी पर्यावरण विभाग ने किया जिसमें उक्त विभाग ने भारत शासन के आंकड़ों को नजर अंदाज करके उक्त नवदुर्गा उद्योग की प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार त्वरित रूप से अनुमति देने की तुरंत-फुरंत में कार्य किया जो कि जांच का विषय है। जिसमें की उक्त उद्योग की प्रोजेक्ट रिपोर्ट में बताया कि इस उद्योग के द्वारा 100 के.एल.पी.डी प्रतिदिन एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा जिसमें 571 के.एल.पी.डी प्रतिदिन पानी का उपयोग होगा के तथ्य दिए के साथ में यही बताया कि पानी हेतु उसके उद्योग से केलो नदी का डैम केवल लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर है पर रायगढ़ बचाओ -लड़ेंगे रायगढ़ संस्था के द्वारा उक्त उद्योग जो कि एथेनॉल प्लांट लग रहा है के विरुद्ध 6 बिंदुओं का आपत्ति पत्र के साथ जांच करवाने की माँग के साथ ज्ञापन दिया जिसमें संस्था के द्वारा बताया गया कि भारत शासन के फूड एवं खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने 2024 में ग्लोबल सम्मेलन में शासकीय आंकड़ों बताया कि 1 लीटर एथेनॉल बनाने में लगभग 10790 लीटर पानी की आवश्यकता कम से कम पड़ती है मतलब उक्त उद्योग को 10 लाख 79 हजार ली.के लगभग पानी की आवश्यकता प्रतिदिन पड़ेगी जिससे 100 लीटर एथेनॉल प्रतिदिन नव दुर्गा एथेनॉल उत्पादित उक्त उद्योग में होगा, देश में एथेनॉल उद्योग की स्थापना में भारत शासन के नीति आयोग (ष्टरूङ्खढ्ढ)के द्वारा एथेनॉल के उत्पादन पर गंभीर चिंता जताई कि भारत के विभिन्न प्रदेशों में जिसमें महाराष्ट्र,पंजाब,उत्तर प्रदेश, कर्नाटक,हरियाणा आदि प्रदेशों में उन स्थानों में जहां एथेनॉल का उत्पादन का हो रहा है वहां जनता के लिए भीषण पानी संकट हो गया है और जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि हो रही है।
रायगढ़ बचाओ- लड़ेंगे रायगढ़,संस्था के द्वारा जिला कलेक्टर रायगढ़ मयंक श्रीवास्तव को उक्त ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया कि इस प्रकार की पानी की परेशानी भविष्य में भीषणता और भयावहता निश्चित ही भविष्य में रायगढ़ जिले में होने पर जनता पानी के लिए किसका मुंह ताकेगी जबकि एथनाल उद्योग की स्थापना की अनुमति से पहले यह भी देखना था कि उक्त स्थल के कुछ ही किलोमीटर के दायरे में दो दर्जन से ज्यादा छोटे-बड़े लोहा उद्योग स्थापित है जिन्हें पहले ही पानी के दोहन के लिए केलो जलाशय और सिंचाई विभाग के नालों पर निर्भर है। रायगढ़ जिले का जलस्तर शासकीय आंकड़े के अनुसार जिले का जलस्तर निरंतर तेजी से गिर रहा है फिर भी इस नवदुर्गा एथेनॉल प्लांट को अनुमति दिया जाना शासकीय विभागों की मनमानियों से भरा हुआ है जो कि जांच का विषय तो है और इस नव दुर्गा एथेनॉल प्लांट की अनुमति,स्वीकृति और लाइसेंस को त्वरित रद्द कर रायगढ़ शहर से कुछ किलोमीटर दूर पर स्थापित इस उद्योग पर जनहित में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो यद्यपि जिन षड्यंत्रकारियों ने षड्यंत्र करके रायगढ़ जिले को भविष्य ने मरुस्थल और रेगिस्तान बनाने का कार्य किया है पर भी गंभीर कार्रवाई सुनिश्चित किया जाना जनहित में आवश्यक है।
भारत सरकार के फूड विभाग के द्वारा 1 लीटर एथेनॉल बनाने में 10 हजार 790 की पानी लगेगा बताया?
नव दुर्गा प्लांट की रिपोर्ट में 571 लीटर पानी लगेगा 1 लीटर एथानाल उत्पादन में बताया?, क्या भविष्य में पानी के लिए तरसने लगेंगे रायगढ़ जिलेवासी



