रायगढ़। काव्य वाटिका की 48वीं श्रृंखला के अंतर्गत विगत 21 जून को होटल साकेत, रायगढ़ के सभागार में एक गरिमामय साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। साहित्यकारों एवं साहित्य प्रेमियों से खचाखच भरे सभागार में वरिष्ठ साहित्यकार प्रदीप कुमार दाश ‘दीपक’ का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विनोद अग्रवाल, अनुपम पाल तथा मनमोहन सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रदीप कुमार दाश ‘दीपक’ के बहुआयामी साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें समकालीन साहित्य का सशक्त हस्ताक्षर बताया। सम्मान समारोह में प्रदीप कुमार दाश ‘दीपक’ को सम्मान-पत्र, शॉल,श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विनोद अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने हिन्दी, छत्तीसगढ़ी एवं ओडिय़ा साहित्य के साथ-साथ हाइकु, ताँका, सेदोका, रेंगा तथा कतौता जैसी जापानी काव्य विधाओं के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया है। विशिष्ट अतिथि अनुपम पाल सांस्कृतिक सचिव होने के नाते कहा साहित्यकारों के हित में हर संभव प्रयास और योगदान उनकी ओर से रहेगा। मनमोहन सिंह ठाकुर ने एक सुन्दर गजल सुनाकर सबका मन जीत लिया। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग की अधिकारी अविका तिवारी जी जी साहित्यकारों की रचनाएं सुनकर अत्यंत प्रभावित हुई।
प्रदीप कुमार दाश ‘दीपक’ की प्रकाशित कृतियों में मइनसे के पीरा, हाइकु चतुष्क, संवेदनाओं के पदचिह्न, रूढिय़ों का आकाश, प्रकृति की गोद में, अंतर्मन की हूक, गुनगुनी सी धूप, भावों की कतरन तथा दीप और पतंग प्रमुख हैं। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों का संपादन एवं अनुवाद भी किया है। साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया तथा साहित्यिक विमर्श में सक्रिय सहभागिता निभाई। उपस्थित साहित्यकारों में काव्य वाटिका की संस्थापिका डॉ. आशा मेहर किरण’, डा. सुधा देवांगन ‘सुचि’, अरुणा साहू, साधना मिश्रा, लिशा पटेल, स्वाति पड्या, सोनल श्रीवास, रश्मि वर्मा, पूर्णिमा चौधरी, कन्हैयालाल गुप्ता, मनोज श्रीवास्तव, डा. अजय पटनायक ‘मयंक’ थे। पूरे आयोजन में साहित्य, संस्कृति और सृजनधर्मिता का सुंदर संगम देखने को मिला। अंत में काव्य वाटिका परिवार की ओर से सभी अतिथियों, साहित्यकारों, कवियों एवं उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त मनोज श्रीवास्तव ने किया तथा प्रभावशाली सुन्दर संचालन डा. अजय पटनायक मयंक ने किया।
काव्य वाटिका की 48वीं श्रृंखला में साहित्यकार प्रदीप कुमार दाश ‘दीपक’ हुए सम्मानित



