हरण बिस्वास/पखांजुर। महाराष्ट्र के सुरजागढ़ खदान से निकलने वाले खनिज का परिवहन लगातार पखांजुर क्षेत्र के मार्गों से किया जा रहा है, जिसे लेकर क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, धूल और प्रदूषण बढ़ रहा है तथा आम नागरिकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती है, जिससे स्कूली बच्चों, किसानों और आम राहगीरों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। क्षेत्रवासियों का यह भी कहना है कि खनिज परिवहन से होने वाली परेशानियों का भार स्थानीय जनता उठा रही है, जबकि समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदार विभागों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खनिज परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए तथा क्षेत्र की सड़कों, पर्यावरण और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभावी निर्णय लिया जाए। वहीं, इस मामले में अब जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों की सक्रियता भी बढऩे लगी है। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो क्षेत्र में आंदोलन और विरोध प्रदर्शन तेज होने की संभावना जताई जा रही है। पखांजुर क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय शासन-प्रशासन को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान निकालना चाहिए।



