रायपुर। नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने विकास कार्यों में देरी और लापरवाही को लेकर अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है। निगम मुख्यालय में करीब 6 घंटे तक चली समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी कार्य में गड़बड़ी पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, तो उसकी निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और अभियंताओं पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। महापौर ने अपर आयुक्त को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की मॉनिटरिंग में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा महापौर ने खामियां सामने आने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
बैठक के दौरान करबला तालाब विकास योजना की समीक्षा में कई खामियां सामने आने पर महापौर ने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने मेजरमेंट बुक (एमबी) में पाई गई त्रुटियों और कार्य में लापरवाही पर नाराजगी जताई। महापौर ने कहा कि विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी और निर्माण कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई विकास कार्यों के लिए कार्यादेश जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुए हैं। इस पर महापौर ने अधिकारियों से जवाब मांगा और कहा कि जनता की सुविधा के लिए स्वीकृत विकास कार्यों को समयसीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
राजधानी में विकास कार्यों में अनावश्यक देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। लंबे समय से लंबित परियोजनाओं की सूची तैयार कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यकता पडऩे पर कार्रवाई भी होगी। बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, 15वें वित्त आयोग, प्रधानमंत्री आवास योजना, सांसद निधि, विधायक निधि, महापौर निधि, पार्षद निधि, सामान्य निधि और अन्य विकास मदों के तहत चल रहे कार्यों की जोनवार समीक्षा की गई। महापौर ने सभी अधिकारियों को प्रगति तेज करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, विनोद पाण्डेय, कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता संजय बागड़े, अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, इमरान खान, सभी जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता और संबंधित ठेकेदार मौजूद रहे।
ठेकेदार ही नहीं, लापरवाह-अफसरों पर भी हो कार्रवाई : महापौर



