रायगढ़। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगरैल बांध के गेट खोल दिये जाने से महानदी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया है,जिसके चलते अब तक शांत बह रही महानदी में उफान आते ही उसके तटवर्ती इलाकों में बाढ़ आने का खतरा उत्पन्न हो गया है। रायगढ़ जिले के पुसौर और बरमकेला के आधा दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। सरिया से लगे पोरथ मंदिर भी चारों तरफ से पानी से घिर गया है।
लगातार बढ़ते महानदी के जलस्तर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यही वजह है कि जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। महानदी से तट पर बसे पुसौर के गांव लिप्ती, सूरजगढ़, नदीगांव, पोरथ, बोरिदा, रानीडिही, तोरा, ठेंगागुड़ी, मोहंदी, कोर्रा, रेबो, चंघोरी, बाराडोली, परसापाली, खफरापाली, सूरसी तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। महानदी में अचानक पानी बढऩे से पोरथ का प्राचीन शिव मंदिर जलमग्न हो गया है और लोग इसे देखने के लिए जमा हो रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है और गांवों में पानी प्रवेश करने की स्थिति बनती है तो प्रशासन के निर्देशों का तत्काल पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
हीराकुंड डेम के 12 गेट खोले गए
क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए हीराकुंड डेम से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार डेम के 12 गेट खोले गए हैं जिसके चलते आने वाले कुछ घंटों में डेम के उपरी क्षेत्रों जिनमें रायगढ़ का सुरजपुर, सरिया क्षेत्र भी आता है, में पानी कम होनें की संभावना जताई जा रही है।



