रायगढ़। स्वास्थ्य क्षेत्र में रायगढ़ जिला अस्पताल एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। यहां पहली बार रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) की जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक संपन्न की गई। इस सर्जरी से जिला अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अब गंभीर स्पाइन संबंधी समस्याओं से पीडि़त मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों तक नहीं जाना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा लगातार नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही गंभीर बीमारियों से राहत मिल रही है। ऐसे में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ सेवाओं के समन्वय का ही परिणाम है कि जिला अस्पताल में पहली बार स्पाइन सर्जरी जैसी जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक की गई है। यह ऑपरेशन ओपी जिंदल फोर्टिस हॉस्पिटल के वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. पाढ़ी के सहयोग से संपन्न हुआ।
इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन डॉ. दिनेश पटेल ने बताया कि मरीज लंबे समय से स्पाइनल कैनाल स्टेनोसिस नामक गंभीर रीढ़ संबंधी बीमारी से पीडि़त था। जिससे रीढ़ की नलिका संकरी हो जाने से नसों पर दबाव पडऩे के कारण पैरों में झुनझुनी, असहनीय दर्द तथा कमजोरी की शिकायत थी। स्थिति ऐसी हो गई थी कि उसकी सामान्य दिनचर्या और चलने-फिरने की क्षमता भी प्रभावित हो चुकी थी। जिसे काफी जांच के बाद विशेषज्ञों ने आधूनिक मशीनों का उपयोग कर पहली बार इस गंभीर बीमारी का सर्जरी किया और सफल भी हो गया। इसके बाद अब उक्त मरीज पूरी तरह से स्वस्थ महसूस करने लगा है।
जिला अस्पताल को मिली सी-आर्म मशीन
अस्पताल प्रबंधन की मानें तो अभी तक किसी भी जिला अस्पताल में सी-आर्म मशीन उपलब्ध नहीं है, लेकिन यहां लगातार आ रहे हड्डी से जुडे गंभीर मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए एक माह पहले ही इस मशीन को मंगाया गया है, जिसके चलते अब यहां सर्जरी शुरू हो सकी है। वहीं सी-आर्म मशीन रायगढ़ के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की बढ़ती क्षमता, विशेषज्ञता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रतीक है। जिला अस्पताल में जटिल शल्य चिकित्साओं की सफल शुरुआत से आम नागरिकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं अपने जिले में ही उपलब्ध होने लगा है।



