रायगढ़. ऑपरेशन तलाश अभियान के तहत जिलेभर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गुम हुए 251 लोगों को पुलिस ने खोजकर वापस लाई है। जिसमें सबसे अधिक लैलूंगा पुलिस ने गुम इंसानों को खोजकर उनके घर पहुंचाया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा ऑपरेशन तलाश अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें गुम इंसानों को खोजकर उनके परिजनों से मिलाया जाता है। ऐसे में इस आपरेशन के तहत जिलेभर के पुलिस पूरी संजिदगी के साथ कार्य कर रही है। जिससे राज्य स्तर पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अप्रैल माह में 251 गुम इंसानों को खोज निकाला है। इसमें विशेष बात यह है कि माह अप्रैल में 23 नाबालिकों के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिससे पुलिस ने अभियान दौरान 36 नाबालिकों को ढूंढ निकाला है। वहीं 215 बालिग युवक-युवतियों को भी अभियान के तहत खोज निकाला। ऑपरेशन तलाश अभियान की एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर एडिशनल एसपी अनिल सोनी और डीएसपी उन्नति ठाकुर द्वारा विशेष रूप से मॉनिटरिंग की गई है। इससे राज्य के भीतर व राज्य के बाहर गुम इंसानों को सूचीबद्ध किया गया। थाना प्रभारियों द्वारा बालिग और नाबालिगों की खोज के प्रयास में जूट गए, जिससे यह बड़ी सफलता पुलिस के हाथ लगी है।
पंजाब के जलांधर से बालिका बरामद
अभियान के दौरान जूटमिल पुलिस ने पंजाब के जालंधर से गुम बालिका को सकुशल घर लाया। इसी प्रकार पूंजीपथरा पुलिस ने अंबिकापुर से नाबालिक की दस्तयाब की। वहीं थाना कोतवाली ने डभरा और थाना जूटमिल ने चंद्रपुर क्षेत्र से एक लापता नाबालिक को सकुशल वापस लाया है। इससे उनके परिजनों के चेहरे पर मुस्कान लौटी है।
अलग-अलग थाना के पुलिस ने की कार्य
ऑपरेशन तलाश के तहत जिला भर के थाना की पुलिस ने गुम इंसानेां की खोज में लगी थी। जिसमें सबसे अधिक 42 गुम इंसान की खोज लैलूंगा पुलिस द्वारा की गई है। उसके बाद थाना चक्रधरनगर 29, जूटमिल 27, पूंजीपथरा 24 गुम इंसनो को ढूंढा। वहीं कोतवाली और पुसौर 23-23, कोतरारोड और भूपदेवपुर 12-12, घरघोड़ा 11, कापू 10, तमनार 9, धरमजयगढ़ 8, खरसिया पुलिस ने 7, चौकी खरसिया 4, चौकी जोबी 3, चौकी रैरूमाखुर्द 1 गुम इंसानों को खोज निकला। थाने में दर्ज गुम इंसानों और दस्तयाब प्रतिशत के अनुसार थाना भूपदेवपुर का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। नाबालिगों के मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
क्या कहते हैं एसएसपी
इस संबंध में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि “गुम नाबालिगों और महिलाओं से जुड़े मामलों में रायगढ़ पुलिस पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। बच्चों को बहला-फुसलाकर भगाने या उनका शोषण करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अभिभावक भी बच्चों की गतिविधियों और उनके सोशल संपर्कों पर सतत निगरानी रखें।”



