पखांजूर। बांदे क्षेत्र के पी व्ही 85 में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद अब गहराता जा रहा है। 17 अप्रैल को ग्राम पंचायत पाड़ेंगा के आश्रित गांव पी.व्ही. 85 नयापारा में हुई कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
आरोप है कि प्रशासन और पंचायत की संयुक्त टीम ने बाढ़ प्रभावित 6 परिवारों के घरों को तोड़ दिया, जिससे ये परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। हैरानी की बात यह भी सामने आ रही है कि जिन मकानों पर बुलडोजर चला, उनमें दो प्रधानमंत्री आवास भी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये परिवार 1994 की बाढ़ के बाद इस क्षेत्र में बसाए गए थे, लेकिन अचानक हुई इस कार्रवाई ने उनके सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच बेघर हुए परिवारों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। प्रभावित परिवारों के साथ-साथ बंग समाज में भी गहरी नाराजगी देखी जा रही है, जिसके चलते अब आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है।
निखिल भारत बंगाली समन्वय छत्तीसगढ़ राज्य कमेटी के नेतृत्व में 24 अप्रैल को पखांजूर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही परलकोट क्षेत्र में व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आह्वान किया गया है। इस संबंध में संगठन ने पखांजूर के अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार के नाम ज्ञापन भी सौंपा है। आंदोलन के दौरान चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन दिया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसकी सूचना पहले ही प्रशासन को दे दी गई है। अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि बढ़ते जनाक्रोश के बीच क्या कदम उठाए जाते हैं और प्रभावित परिवारों को कब तक राहत मिल पाती है।
बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल, 24 को बड़ा प्रदर्शन और बंद का ऐलान



