रायगढ़ । रायगढ़ ताइक्वांडो एकेडमी के कोच कुणाल महंत को वर्ल्ड वाइड सुपर लीग ओपन इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में रेफरशिप करने का मौका मिला। इस चैंपियनशिप का आयोजन खेलो इंडिया मल्टीपरपज हॉल राजस्थान पुलिस एकेडमी जयपुर में किया गया था। खास बात यह हैं कि छत्तीसगढ़ से कुणाल अकेले रेफरी थे जिनको इस चैम्पियनशिप में रेफरशिप करने के लिए आमंत्रित किया था। यहां आयोजित खेल में जहां देश भर से 850 से अधिक खिलाडिय़ों ने भाग लिया था। वहीं देश भर से रेफरी भी वहां पहुंचे थे। इसमें इंटरनेशनल रेफरी सरबजीत सिंह भी आए थे। सरबजीत सिंह के नेतृत्व में ही इस पूरे खेल का आयोजन किया गया था। उनके द्वारा ही कई राज्यों से पहुंचे रेफरियों को इस मैच की बारीकियों से अवगत कराया गया। कुणाल को भी इस चैम्पियनशिप का हिस्सा बनाया गया था, यह एकेडमी और जिले के लिए भी गर्व की बात है।
यहां 20-25 रेफरी थे जिन्होंने निष्पक्ष होकर फैसला किया। सबसे बड़ी बात यह है कि इस खेल में अधिकांशतया विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है, लेकिन इंटरनेशनल रेफरी की सूझबूझ और उनके द्वारा अन्य रेफरियों को बारीकी से दी गई जानकारी की वजह से कोई विवाद नहीं हुआ। इस पूरे खेल के आयोजन में रेफरियों की अहम भूमिका होती है, कारण इसमें जो अंक दिए जाते हैं वह कोरियन भाषा में होती है। जिसे रेफरी खिलाडिय़ों के हिट और प्रदर्शन के आधार पर देते हैं। इस खेल के रेफरी जज कहलाते हैं। खास बात यह है कि कोर्ट के सेंटर में तो एक ही रेफरी होते हैं लेकिन इसके अलावा अन्य चार रेफरी भी होते हैं जो पूरे खेल के दौरान खिलाडिय़ों को वाच करते हैं। सेंटर रेफरी को यदि निर्णय देने में किसी तरह की असमंजस महसूस होती है तो अन्य चारों रेफरियों से चर्चा कर अंतिम निर्णय देते हैं। इसलिए इस खेल के निर्णायकों को निर्णय करने में काफी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता हैं।
लाइव चल रहा था पूरा गेम्स
पूरा खेल लाइव हो रहा था। ऑर्गनाइजरों ने इसकी व्यवस्था की थी ताकि किसी तरह का कोई विवाद न हो। यू ट्यूब और अन्य चैनलों में इसका प्रसारण हो रहा था। इससे बाहर के लोग भी इस खेल से जुड़े रहे। ताइक्वांडो इंडोर गेम है, इसलिए इसका लाइव किया गया था।
दिया गया मेडल
जितने वाले खिलाडिय़ों को मेडल और कप से सम्मानित किया गया। साथ ही खिलाडिय़ों के साथ पहुंचे कोच को भी मेडल दिया गया। निर्णायकों को भी मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस खेल का आयोजन बीते 10 से 12 अप्रैल तक किया गया था। तीन दिवसीय आयोजन में रात तक खेल होता था, वजह पूरे देश से खिलाड़ी पहुंचे थे। काफी अधिक संख्या में खिलाडिय़ों के शामिल होने से खेल को तय अवधि में पूरा करने की भी चुनौती थी।



